कोरोना सैंपल रिपोर्ट आने में हो रही देरी से जिले के लोग बेहद परेशान हैं। दूसरी ओर डिप्टी सीएम की घोषणा और गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री की स्वीकृति के ढाई महीने बाद भी नागरिक अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग लैब शुरू करने की योजना पर काम तक शुरू नहीं हुआ है। अधिकारियों को इसके लिए निदेशालय से आदेश मिलने का इंतजार है।
दादरी जिले में प्रतिदिन औसतन 900 सैंपल लिए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में केवल एक ट्रू नेट मशीन है, जो 75 मिनट में दो सैंपलों की रिपोर्ट देती है। इसलिए बेहद जरूरी सैंपलों की जांच ही ट्रू नेट मशीन से की जा रही है, जबकि प्रतिदिन करीब 800 से अधिक सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई, अंबाला, खानपुर, यमुनानगर या अन्य जिलों की लैब में भेजे जा रहे हैं। इन लैब पर कार्यभार अधिक होने के कारण सैंपल रिपोर्ट समय पर नहीं आ रही है। जिले में कई ऐसे केस भी सामने आ चुके हैं जिनकी दस दिन बाद भी सैंपल रिपोर्ट नहीं आई है। दादरी में कोरोना टेस्टिंग लैब की कमी बेहद खल रही है।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला गत 25 सितंबर को दादरी आए थे। उन्होंने जिला प्रशासन की मौजूदगी में लघु सचिवालय के कांफ्रेंस रूम से वीडियो कांफ्रेंस में भाग लिया था। वीसी में उन्होंने दादरी जिले में सैंपल रिपोर्ट देरी से आने का मुद्दा रखते हुए कोरोना टेस्टिंग लैब खोलने का सुझाव दिया था। वीसी में ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस स्वीकार करते हुए दादरी में लैब खोलने को मंजूरी दे दी थी। घोषणा की पड़ताल करने के लिए अमर उजाला टीम ने जब स्वास्थ्य विभाग की नब्ज टटोली तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। सूत्रों के अनुसार अब तक इस संबंध में कोई कवायद शुरू नहीं हुई है। जिला स्वास्थ्य विभाग को मुख्यालय से इस संबंध में आदेश मिलने का इंतजार है। इसके बाद ही कोरोना टेस्टिंग लैब स्थापित करवाने के लिए प्रपोजल तैयार किया जाएगा।
मैन पावर समेत मशीनों की होगी जरूरत
जिले में इस समय लैब तकनीशियन की कमी बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग अगर जिले में कोरोना टेस्टिंग लैब खोलता है तो इसके लिए मैन पावर समेत मशीनों की भी जरूरत होगी। कोरोना टेस्टिंग लैब में कम से कम पांच लैब तकनीशियन की जरूरत होगी, जो प्रतिदिन के सैंपल की जांच आसानी से कर सकेंगे। जिला स्वास्थ्य विभाग को भी इस योजना पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
न प्रशासन ने लिया संज्ञान, न विभाग ने दिखाई दिलचस्पी
डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री से दादरी में कोरोना टेस्टिंग लैब स्थापित करवाने की मंजूरी वीसी में ही दिलवा दी थी। इसके बाद कोरोना टेस्टिंग लैब स्थापित करवाने के लिए न जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया और न ही जिला स्वास्थ्य विभाग ने दिलचस्पी दिखाई। इस कारण ढाई माह बीतने पर भी इसके लिए कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की गई।
दो से चार हजार सैंपलों की रिपोर्ट रहती है लंबित
पीजीआई नवंबर के अंत से 500 से अधिक सैंपल दादरी जिले से नहीं ले रहा, जबकि बीपीएस खानपुर भी प्रतिदिन 200 ही सैंपल ले रहा है। जिले से प्रतिदिन करीब 900 सैंपल लिए जाते हैं। इस कारण तीन जगहों पर सैंपल भेजने पड़ रहे हैं। दूसरे जिलों की लैब से सैंपल रिपोर्ट देरी से मिलती हैं। अमूमन दो से चार हजार सैंपल की रिपोर्ट लंबित रहती है।
डिप्टी सीएम की घोषणा पर अब तक हमें मुख्यालय से निर्देश नहीं मिले है। गत दिनों दादरी अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे एडीजी के समक्ष हमने अपने स्तर पर कोरोना टेस्टिंग के लिए मॉलीकुलर लैब स्थापित करने की डिमांड रखी है।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी