चरखी दादरी। नवंबर 2022 में हुए इमलोटा निवासी कुलवंत हत्याकांड के दो दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी शांतनु चरखी दादरी जिले के गांव का इमलोटा का निवासी है जबकि दूसरा दोषी रोहित उर्फ कातिया झज्जर जिले के माजरा गांव का रहने वाला है। उनके तीसरे साथी माजरा निवासी राहुल की मामले के ट्रायल के दौरान जेल में मौत हो गई थी।
बता दें कि 4 नवंबर 2022 को इमलोटा निवासी कुलवंत सुबह पांच बजे घूमने के लिए सरूपगढ़ रोड पर निकले थे। इस दौरान एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक वहां आए और उन्होंने पेट्रोल छिड़क कर कुलवंत को आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसे कुलवंत को प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। वहां उनके बयान पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। वहीं आठ नवंबर को उपचार के दौरान कुलवंत की मौत हो गई और पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी।
पुलिस ने इमलोटा निवासी शांतनु और झज्जर जिले के गांव माजरा निवासी रोहित उर्फ कातिया और राहुल को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया था कि मृतक कुलवंत शांतनु के घर के बाहर खड़े होकर गाली-गलौच करता था और इससे परेशान होकर उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया। सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार ने उनके अपराध को संगीन माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर 10 माह की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।