पौधरोपण और पौधे गोद लेने की मुहिम से बढ़े 57,266 पेड़, पौधे रोपित करने के बाद देखभाल करने का भी मिला लाभ
अमर उजाला विशेष:
दादरी और बाढड़ा दोनों खंडों में 10 साल पहले के मुकाबले हरे पेड़ों की संख्या बढ़ना राहत की बात, जिले में हैं 2,90,000 हरे पेड़
जगदीप सिंह
चरखी दादरी। 10 साल में जिले में विकास के नाम पर 25 हजार पेड़ों पर आरी चल चुकी है। राहत यह है कि इतने पेड़ कटने के बावजूद वन विभाग 57,266 पेड़ बढ़ाने में सफल रहा है। इसमें सबसे अधिक योगदान पौधरोपण और पौधे गोद लेने की मुहिम का है। साथ ही पौधों को रोपित करने के बाद विभाग की ओर से उसकी देखभाल करने से भी जिले में हरियाली बढ़ी है।
वन विभाग पेड़ों की कटाई के अनुसार पौधरोपण का भी ख्याल रख रहा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार 10 साल पहले दादरी और बाढड़ा में 2,32,734 पेड़ थे। उस दौरान बाढड़ा में 9,000 तो दादरी खंड में 1,33,734 हरे पेड़ थे। इसके बाद जिले में मुख्यमार्ग निर्माण में बाधक बने करीब 25,000 पेड़ों की कटाई की गई। फिलहाल, जिले के दोनों खंडों में हरे पेड़ों की कुल संख्या बढ़कर 2,90,000 तक पहुंच गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिक से अधिक पौधे रोपित कर जिले को हरा-भरा बनाने का प्रयास है। वहीं, विभाग के वन रक्षक भी पेड़ बचाने के लिए लगातार जंगलों में गश्त करते रहते हैं। अवैध पेड़ कटाई की शिकायत आने पर तुरंत मौके पर पहुंच कर कार्रवाई अमल में लाई जाती है। संवाद
- इन मुख्य मार्गाें से काटे गए पेड़
पिछले 10 साल में एनएच-148 बी यानी दादरी-महेंद्रगढ़ रोड, एनएच 334-बी यानी दिल्ली-पिलानी मुख्यमार्ग के निर्माण में बाधा बने पेड़ों को मजबूरन काटना पड़ा था। इसके अलावा, एचएफडीसी (हरियाणा फॉरेस्ट डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन) भी प्रति वर्ष सूखे व मृत पेड़ों की कटाई करवाकर उच्च अधिकारियों के समक्ष रिपोर्ट रखता है।
- दस साल पहले और अब इतनी संख्या है हरे पेड़ों की
खंड दस साल पहले अब इतनी संख्या है पेड़ो की
दादरी 1,33,734 1,70,000
बाढड़ा 99,000 1,20,000
- ऐसे बढ़ी पेड़ों की संख्या
दस साल बाद हुई पेड़ गणना में जहां खंड दादरी में 36,266 पेड़ बढ़े है, वहीं, 21,000 हजार बाढड़ा रेंज में हरे पेड़ों की संख्या बढ़ी है। 25,000 पेड़ों की कटाई के बाद भी हरे पेड़ों की संख्या में बढ़ोतरी होना वन विभाग और जिलावासियों के लिए राहत की बात है।
- हर साल सूख जाते हैं 30 प्रतिशत पौधे
हर मानसून सीजन में वन विभाग की ओर से जिले में पौधरोपण किया जाता है। इसके तहत तीन से चार लाख पौधे रोपित किए जाते हैं। इनमें से करीब 30 प्रतिशत पौधे सूख जाते हैं। हालांकि, अब विभाग पौधरोपण के बाद इस ओर भी ध्यान देने लगा है। इससे जिले को हरा-भरा बनाने में मदद मिली है।
वर्सन:
हमने जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में अभियान चला कर एक पेड़ मां के नाम अभियान चलाकर एक दिन में सवा दो लाख पेड़ लगाए गए थे। इसके अलावा भी हमारे विभाग के अधिकारी व कर्मचारी नर्सरी में आने वाले लोगों को पेड़ वितरित करते रहते हैं।
-हेमंत कुमार, जिला रेंज अधिकारी, वन विभाग
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शहर के रोहतक रोड पर लगे पेड़। संवाद