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Charkhi Dadri News: ट्राॅमा सेंटर प्रोजेक्ट हो सकता है रद्द, आपातकालीन कक्ष को ही अपग्रेड करने की तैयारी

Sun, 03 Aug 2025 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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दादरी नागरिक अस्पताल के इमरजैंसी कक्ष के बाहर डाले गए बेड पर उपचाराधीन घायल। संवाद
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फोटो 01
दादरी नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष के बाहर डाले गए बेड पर उपचाराधीन घायल। संवाद

-स्वास्थ्य विभाग की दादरी नागरिक अस्पताल में ट्राॅमा सेंटर का नया भवन बनाने की योजना हुई थी तैयार, उच्चाधिकारियों ने ट्राॅमा सेंटर का निर्माण न कराने के पीछे मेडिकल कॉलेज बनने का दिया तर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी नागरिक अस्पताल में ट्राॅमा सेंटर खोलने की योजना स्वास्थ्य विभाग रद्द कर सकता है। इसका कारण घसोला रोड पर मेडिकल कॉलेज बनना है। तब तक सेवाओं को बेहतर करने के लिए विभाग की ओर से आपातकालीन कक्ष की सेवाएं अपग्रेड की जाएंगी। कुछ सुविधाएं ट्राॅमा सेंटर की तर्ज पर रहेंगी।
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आपातकालीन कक्ष की सुविधाओं का दायरा बढ़ने से मरीजों को रोहतक रेफर करने की झंझट भी खत्म होगी। वहीं, जिला बनने के बाद से ही दादरी नागरिक अस्पताल में ट्राॅमा सेंटर की कमी खल रही है। इसके मद्देनजर ही करीब छह माह पहले उच्चाधिकारियों के आदेश के अनुसार अस्पताल परिसर में ट्राॅमा सेंटर के लिए अलग से भवन बनाने की योजना तैयार हुई थी।

वहीं, भवन से पहले संसाधन खरीद के लिए मुख्यालय की ओर से करीब पचास लाख का बजट भी जारी किया गया था। अंतिम बैठक में मुख्यालय के अधिकारियों ने ट्राॅमा सेंटर परियोजना रद्द करने संकेत दिए हैं। इतना ही नहीं, तर्क दिया गया है कि दादरी में मेडिकल कॉलेज खुलना है। ऐसी स्थिति में ट्राॅमा सेंटर की जरूरत नहीं है। जब तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो, तब तक आपातकालीन कक्ष की सुविधाओं में विस्तार कर दिया जाए। ऐसे में संसाधनों की खरीद के लिए मिला बजट आपातकालीन कक्ष पर खर्च हो सकता है। इस स्थिति में भी मरीजों को ही फायदा होगा।



- ऐसे अपग्रेड होंगी सुविधाएं

विभाग की योजना के अनुसार, आपातकालीन कक्ष में ट्राॅमा सेंटर की तर्ज पर सीटी स्कैन व एमआरआई की सुविधा शुरू होगी। इसके अलावा, यहां संसाधनों व मशीनों का दायरा बढ़ाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में भी बजट खर्च होगा। विशेषज्ञ और आवश्यक स्टाफ पहले से विभाग के पास हैं।



- हर साल होते हैं 200 से ज्यादा हादसे

दादरी जिले में हर साल 200 से ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। इनमें 100 से अधिक लोग जान गंवाते हैं जबकि इससे अधिक घायल होते हैं। फिलहाल ट्राॅमा सेंटर न होने से हादसों या झगड़ों में गंभीर रूप से घायल लोगों को रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ रहा है। कई दफा मरीज की रोहतक पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते मौत हो चुकी है। ऐसे में ट्राॅमा सेंटर की कमी बेहद खल रही है।

- योजना में यह हुआ फेरबदल
पहले स्वास्थ्य विभाग की योजना थी कि दादरी नागरिक अस्पताल में ट्राॅमा सेंटर के लिए नया भवन बनाया जाए। उसी में मरीजों को भर्ती करने का वार्ड भी बनाया जाए। अब इसमें फेरबदल संभव है। विभाग के उच्चाधिकारियों ने हाल ही में आयोजित बैठक में जिला अधिकारियों को जो संकेत दिए हैं, उनसे ट्राॅमा सेंटर परियोजना रद्द होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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वर्सन
ट्राॅमा सेंटर निर्माण योजना पर उच्चाधिकारियों के स्पष्ट निर्देश अभी नहीं मिले हैं। मुख्यालय की ओर से आपातकालीन कक्ष की सेवाएं अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए हैं। हमने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।

-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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