चरखी दादरी। जनता कालेज सभागार में बुधवार को पोलिंग अधिकारी, एपीओ व सेक्टर मजिस्ट्रेट को चुनाव के मद्देनजर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनदीप कौर भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि पीओ व एपीओ निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की धूरी हैं। मतदान के दौरान आने वाली ज्यादातर समस्याओं का हल पीओ-एपीओ अपने विवेक से कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पीओ व एपीओ को प्रशिक्षण में बताई जाने वाली प्रत्येक सूचना एवं दिशा निर्देशों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीम के प्रत्येक सदस्य को निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूरी जानकारी होनी जरूरी है। जिला प्रशासन की ओर से पीओ-एपीओ की ट्रेनिंग चार चरणों में करवाने का निर्णय लिया है, ताकि ट्रेनिंग के दौरान पीओ एपीओ के सभी सवालों एवं शंकाओं का समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जब तक पोलिंग पार्टी को मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होगी। वे समस्याओं को लेकर क्लियर नहीं होंगे। निर्वाचन आयोग के नियमों में पीओ को ही निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव का आधार माना गया है। इसी के अनुसार पीओ को मतदान केंद्र की प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए शक्तियां भी प्रदान की गई हैं। उपायुक्त ने कहा कि चुनाव कार्य में लगी पोलिंग पार्टियों के रहने व खाने आदि का प्रबंध जिला प्रशासन करेगा।
वर्दी में मतदान केंद्र के अंदर नहीं जा सकता पुलिसकर्मी
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कोई भी ड्यूटी पर तैनात या वर्दी में पुलिसकर्मी मतदान केंद्र के अंदर नहीं जा सकता है। ड्यूटी पर भेजे गए पुलिसकर्मी को भी मतदान केंद्र के बाहर ही रहना होता है। निर्वाचन आयोग के इन आदेशों का पालन करवाना पीओ की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीओ अपने विवेक के अनुसार परेशानी से निपटने के लिए पुलिसकर्मी को निर्धारित समय के लिए अंदर बुला सकता है। समाधान के बाद उसे फिर बाहर जाना होगा।
ईवीएम को निजी वाहन में ले जाने की नहीं होगी अनुमति
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदान के पहले दिन ईवीएम, वीवीपैट व अन्य दस्तावेज आदि प्राप्त करने से लेकर उनको वोटिंग के बाद मतगणना केंद्रों पर जमा करवाने तक केवल सरकारी वाहन या जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाए गए वाहन का ही प्रयोग करें। पिछले चुनाव के दौरान किसी स्थान पर ईवीएम को संबंधित कर्मचारी अपने निजी वाहन में ले गया और उससे पूरे चुनाव पर प्रश्नचिह्न लग गया।
- मतदान केंद्र के 200 मीटर की परिधि में आयोग के निर्देशों की पालना जरूरी
प्रशिक्षण नोडल अधिकारी एवं जिला परिषद के सीईओ प्रदीप कौशिक ने मतदान की बारीकियों से अवगत करवाते हुए पीओ की सूझबूझ से पूरा मतदान शांति के साथ निपट सकता है और किसी प्रकार की रुकावट की आशंका भी समाप्त हो जाती है। देखने में आया है कि जिस मतदान केंद्र व आस पास के 200 मीटर में पीओ निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों को क्रियान्वयन करवा देता है, वहां पर कोई परेशानी नहीं आती है।