चरखी दादरी। हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने व जमाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
इन निर्देशों के तहत चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा निर्धारित करने के साथ-साथ आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण एवं स्टॉक की नियमित जानकारी उपलब्ध करवाना अनिवार्य किया गया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि चीनी व्यापारियों के लिए नई स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत कोई भी व्यापारी चीनी का स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक अवधि तक अपने पास नहीं रख सकेगा। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यापारी को किसी भी स्थान अथवा समय पर अधिकतम 4,000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि सभी चीनी व्यापारियों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना और अपने वर्तमान स्टॉक की घोषणा करना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य किया गया है। व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक का विवरण नियमित रूप से अपडेट करना होगा।
यह विशेष आदेश 1 अगस्त से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, निर्धारित समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं करवाने अथवा गलत एवं अधूरी जानकारी देने वाले व्यापारियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने उपभोक्ताओं से कहा कि यदि किसी व्यक्ति को चीनी की जमाखोरी, निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने अथवा अनुचित दाम वसूलने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय को दें, ताकि मामले की जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिला के सभी चीनी व्यापारियों से सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा पोर्टल पर स्टॉक से संबंधित जानकारी समय पर अपडेट करने का आह्वान किया है।