धोनी नाम कानों में पड़ते ही हर किसी के जहन में क्रिकेटर एवं भारत के सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी का चेहरा सामने आ जाता है। इन्हीं की तर्ज पर दादरी जिले के कालूवाला निवासी धोनी नामक युवक भी दौड़ स्पर्धा में अपना हुनर दिखा रहा है। युवा धावक अब तक 15 पदक जीत चुका है। इनमें 12 राज्य स्तरीय और तीन राष्ट्रीय स्तर के पदक हैं। धोनी का सपना अंतरराष्ट्रीय दौड़ स्पर्धा में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
युवाओं को कालूवाला में एनईसीसी स्टेडियम का काफी फायदा मिल रहा है। इसमें अब तक सैंकड़ों युवा विभिन्न स्तर पर खेलकर जिले व गांव के साथ सूबे का नाम रोशन कर चुके हैं। राष्ट्रीय एथलीट धोनी भी इनमें से एक है। कोच विजय सांगवान ने बताया कि धोनी पिछले सात साल से दौड़ का अभ्यास कर रहा है। उसके पिता गांधीराम किसान और मां गृहिणी हैं।
कोच ने बताया कि वर्ष 2017 में धोनी ने स्टेडियम में अभ्यास के लिए आना शुरू किया। शुरुआत में उसका खेल संबंधी कोई लक्ष्य नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास के साथ दौड़ के प्रति उसका रुझान बढ़ने लगा। करीब दो साल की मेहनत के बाद इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने से धोनी का हौसला और बढ़ा। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। धोनी ने राज्य स्तर पर पहला पदक कांस्य जीता और इसके बाद पदकों की झड़ी लगा दी।
कोच विजय सांगवान ने धोनी अब तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर की 20 प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है और इनमें वह 15 पदक जीतने में कामयाब रहा है। धोनी ने राज्य स्तर पर 12 पदक जीते हैं। इनमें आठ स्वर्ण पदक हैं। कोच ने बताया कि धोनी को परिवार को पूरा सहयोग मिल रहा है। अब प्रतिदिन सुबह और शाम को चार से पांच घंटे अभ्यास करता है। वर्तमान में धोनी स्नातक की पढ़ाई कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना उसका लक्ष्य है।
ये हैं धोनी की उपलब्धियां
- 2022 में आयोजित राष्ट्रीय एथलीट चैंपियनशिप में रजत पदक।
- अगस्त 2022 में आयोजित राष्ट्रीय एथलीट चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक।
- जुलाई 2022 में आयोजित राज्य स्तरीय एथलीट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
- 2023 में आयोजित इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक।
- दिसंबर 2023 में आयोजित एथलीट स्पर्धा में स्वर्ण पदक।