संतोखपुरा निवासी एक पशुपालक की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने केनरा बैंक के मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। बैंक मैनेजर पर इस तरह की तीसरी एफआईआर दर्ज हुई है। पशुपालक का आरोप है कि पशु लोन की एवज में पास हुई डेढ़ लाख की राशि उसके खाते में आने के बाद दूसरे किसी खाते में ट्रांसफर की गई है।
जानकारी के अनुसार संतोखपुरा निवासी प्रवीन ने गत दो मार्च को धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस को दी थी। इकॉनोमी सेल ने इसकी जांच की है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि गत आठ दिसंबर को उसने पशु लोन लेने के लिए केनरा बैंक में आवेदन किया था। दस दिसंबर को डेढ़ लाख रुपये उसके खाते में भी आ गए थे लेकिन बाद में ये राशि किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस खाते में राशि ट्रांसफर हुई, उस खाताधारक को वह जानता तक नहीं है। जब वह तत्कालीन बैंक मैनेजर से मिला तो उन्होंने कुछ समय बाद राशि किश्तों में खाते में आने की बात कही। प्रवीन ने बताया कि यह राशि अब तक उसके खाते में नहीं आई है जबकि बैंक उसकी तरफ डेढ़ लाख का लोन दिखा रहा है। पुलिस शिकायत में प्रवीन ने आरोप लगाया कि लोन करवाते समय बैंक मैनेजर ने उससे कई खाली फार्म व कागजात पर हस्ताक्षर करवाए थे। उन कागजात में एक खाली बाउचर भी था। पुलिस ने बैंक मैनेजर के खिलाफ धारा 409 और 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है।