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पीएचसी पर छह और सीएचसी पर होगी दस बेड की सुविधा, पांच वेंटिलेटर भी मिले

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अस्पताल परिसर में रखे ऑक्सीजन सिलिंडर। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। कोरोना की आशंकित तीसरी लहर में मद्देनजर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा है। अधूरे संसाधनों के साथ कोरोना की दो लहरों पर काबू पाने के बाद विभाग जमीनी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंध करने के साथ संसाधनों की कमी को दूर कर रहा है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के पास पांच वेंटिलेटर, 219 नेबुलाइजर, 300 रेस्पीरेटर और 70 बी-डाइप ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंच गए हैं। इसके साथ हर पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर छह और सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर दस बेड की व्यवस्था की जाएगी।
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फरवरी 2020 में कोरोना की पहली लहर आने पर जिले में एक भी वेंटिलेटर नहीं था। दूसरी लहर आने तक विभाग के संसाधनों का दायरा तो बढ़ गया, लेकिन जरूरत के अनुसार संसाधनों की कमी रही। अब आशंकित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संसाधनों की कमी को दूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाल ही में विभाग को पांच वेंटिलेटर के अलावा, बेड, नेबुलाइजर, रेस्पीरेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर मिले हैं। इसके साथ ही सौ से अधिक संसाधनों की खरीद की डिमांड मुख्यालय भेजी गई है।
1.20 लाख है 18 वर्ष से कम उम्र की जनसंख्या
कोरोना की आशंकित तीसरी लहर बच्चों पर भारी पड़ने का अंदेशा है। जिले में 18 वर्ष से कम उम्र की जनसंख्या करीब एक लाख 20 हजार है। अगर बच्चों के लिए जिले में स्वास्थ्य सेवाएं न्यूनतम दर्जे की हैं। इस ओर समय रहते ही ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने आपसी तालमेल से इस पर काम शुरू कर दिया है। जुलाई के अंत तक विभाग को कई और संसाधन मिलने की उम्मीद है।
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प्रत्येक सीएचसी-पीएचसी पर मिलेगी वेंटिलेटर बेड की सुविधा
जिले में पांच नए वेंटिलेटर आ गए हैं और अब इनकी संख्या बढ़कर 21 हो गई है। विभाग की योजना है कि प्रत्येक सीएचसी पर दस और पीएसी पर छह बेड की व्यवस्था की जाए। इतना ही नहीं तीसरी लहर के मद्देनजर प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था भी की जाएगी। नए जो वेंटिलेटर आए हैं, उन्हें पांच साल से अधिक उम्र के किसी भी नागरिक के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
नेबुलाइजर और रेस्पीरेटर की कमी हुई दूर
जिले प्रशासन ने बुधवार को ही स्वास्थ्य विभाग को 219 नेबुलाइजर मुहैया करवाए हैं। इसके अलावा जिले में 300 रेस्पीरेटर भी पहुंच चुके हैं। रेस्पीरेटर सीधे ऑक्सीजन सिलिंडर से कनेक्ट हो सकते हैं। इनके जरिये भी ऑक्सीजन की पूर्ति की जाती सकती है। वहीं 70 नए सिलिंडर मिलने के बाद अब जिला स्वास्थ्य विभाग के पास 500 सिलिंडर हो गए हैं, जिनमें 300 बी और 200 डी टाइप शामिल हैं।
एमसीएच के नए ब्लॉक को शुरू करने की तैयारी
शहर के सरदार झाडू सिंह चौक पर बनाए गए मातृ-शिशु अस्पताल के नए ब्लॉक को शुरू करने की तैयारियां भी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। दो दिन पहले यहां निरीक्षण करने पहुंचे डीसी ने यहां की खामियों को दूर करने के आदेश दिए थे और इसके अगले दिन ही सीएमओ ने स्टाफ की इस संदर्भ में बैठक ली और खामियों व यहां तैनात किए जाने वाले स्टाफ का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए।
जिला झेल रहा विशेषज्ञों की कमी का दंश
जिले में संसाधनों का बेडा तो बढ़ता जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों की कमी लगातार बनी हुई है। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर जिले में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन तैनात नहीं है। विभाग की तरफ से इस संबंध में कई बारी मांग मुख्यालय भेजी जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी विशेषज्ञों की कमी जिले में दूर नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों की कमी के चलते गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद दूसरे जिला अस्पतालों में रेफर किया जाता है।
कुछ संसाधन हमारे पास पहुंचे हैं जबकि कुछ की मांग हमने की हुई है। प्रशासन के सहयोग से हम संसाधनों की कमी को दूर कर रहे हैं और जल्द ही कई महत्वपूर्ण संसाधन हमारे पास पहुंचे की उम्मीद है।
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डॉ. गौरव भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ
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