चरखी दादरी। बारिश थमने के 54 घंटे बाद भी बाजारों में जलभराव की स्थिति बरकरार है। समस्या से परेशान व्यापारी मंगलवार सुबह आंबेडकर चौक के पास बीच सड़क धरने पर बैठ गए। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व विधायक एवं जजपा नेता राजदीप फौगाट भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने एसडीएम नवीन कुमार को मौके पर बुलाया। एसडीएम के आश्वासन से व्यापारी संतुष्ट नहीं हुए और इसके बाद प्रदर्शन करते हुए डीसी प्रीति से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे।
डीसी की मध्यस्थता में उनकी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई और इसमें तीन मांगों पर सहमति बनी।करीब 30 मिनट तक बैठक में चर्चा हुई। व्यापारी नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें मुख्य तौर पर तीन मांगों पर आश्वस्त किया है। रविंद्र गुप्ता और डॉ. बीएन वर्मा ने बताया कि प्रशासन ने सदर थाने के पीछे स्थित जोहड़ पर ज्यादा हॉर्स पावर की मोटर लगाने, पुराना दिल्ली रोड पर तिकोना पार्क तक अस्थायी ओपन पाइप लाइन डालने और 48 घंटे के अंदर बाजार से पानी की निकासी कराने का आश्वासन व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल को दिया है।
बुधवार तक व्यापारी स्थिति देखेंगे और इसके बाद आगामी फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की दुकानों में पानी घुसने से लाखों का नुकसान हुआ है और सरकार को इसकी भरपाई करनी चाहिए।
बता दें कि गत रविवार को हुई बारिश के बाद से ही शहर के विभिन्न स्थानों में जलभराव है। खासकर पुरानी सब्जी मंडी रोड, मुख्य बाजार, रेस्ट हाउस, रोहतक रोड, काठमंडी रोड को पुरानी सब्जी मंडी से जोड़ने वाले रोड व काठमंडी आदि जगहों पर समस्या विकट है। गत रविवार के बाद से ही बाजार बंद है और इससे सीधे तौर पर व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंगलवार को प्रशासन पर ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए शहर के व्यापारी एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। इसके बाद राजनेताओं की होड़ लग गई। पहले कांग्रेस नेता अजीत फौगाट मौके पर पहुंचे तो उनके बाद पूर्व विधायक एवं जजपा नेता राजदीप फौगाट भी वहां पहुंच गए। वहीं, पूर्व मंत्री एवं जजपा की टिकट पर गत विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सतपाल सांगवान भी व्यापारियों के बीच पहुंचे। सतपाल सांगवान ने गठबंधन सरकार को कोसा और हर मोर्चे पर विफल बताया। वहीं, लघु सचिवालय पहुंचकर व्यापारियों ने विभाग, प्रशासन और सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाकर रोष जाहिर किया।
400 से ज्यादा दुकानें बंद, प्रतिदिन लाखों की चपत
व्यापारी नेता रविंद्र गुप्ता, नितिन जांघू, संदीप फौगाट, जयभगवान मस्ताना, विरेंद्र पप्पू आदि ने बताया कि गत रविवार से शहर में करीब 400 दुकानें बंद हैं। इसके चलते प्रतिदिन व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा दुकानों में पानी घुसने से काफी सामान खराब होने का अंदेशा है। सामान खराब होने से हुए नुकसान का आंकलन बाजार से पानी की निकासी होने के बाद ही लग पाएगा। उन्होंने कहा अविलंब सरकार को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
- अधिकारियों के पास रेस्ट हाउस का विकल्प, व्यापारी कहां जाए
किसान नेता राजू मान ने कहा कि प्रदेश में ट्रिपल इंजन सरकार है। अमृत योजना के तहत 200 करोड़ का बजट खर्च करने की बात कही गई, लेकिन हालात सबके सामने हैं। अधिकारियों के आवास में पानी घुसने के चलते उनके पास तो रेस्ट हाउस का विकल्प है, लेकिन व्यापारी कहां जाए? वहीं, अजीत फाैगाट ने कहा कि गठबंधन सरकार ने दादरी को केवल जिला बनाया जबकि विकास की तरह आज तक ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि शहर में पेयजल व सीवर की समस्या विकट बनी है। नितिन जांघू ने कहा कि प्रदेश में सरकार और जिले में जनस्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन नाम की चीज नहीं है। मौजूदा हालात से ये प्रमाणित हो रहा है।
अफसरों के आवास से भी नहीं निकला पानी
लगातार तीसरे दिन अधिकारियों की कॉलोनी से भी पानी की निकासी नहीं हो पाई। विभाग ने यहां करीब 36 घंटे तक ट्रैक्टर इंजन लगाकर रखा, लेकिन फिर भी स्थिति जस की तस रही। मंगलवार शाम तक उपायुक्त, तहसीलदार, एक्सईएन, डीएसपी और अन्य अधिकारियों के आवास पर पानी भरा रहा। व्यापारी नेता एवं पूर्व पार्षद रविंद्र गुप्ता ने इस पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि विभाग जब अफसरों को जलभराव से राहत नहीं दिला पाया तो आमजन की सुध कहां ली जाएगी?
पानी निकासी का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा। शहर के व्यापारी मंगलवार को उपायुक्त प्रीति से मिले हैं और उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त कर कार्यालय से भेजा है।
नवीन कुमार, एसडीएम, दादरी