फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: केंद्र पर खाद वितरण के दौरान हुई गहमागहमी, पुलिस को खींचकर बाहर निकालने पड़े किसान

Tue, 02 Sep 2025 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
बारिश के दौरान ​​भींगने से बचने के लिए छाते लेकर लंबी कतार में खड़े किसान। 
विज्ञापन
चरखी दादरी। 17 दिन के लंबे इंतजार के बाद सोमवार सुबह चरखी दादरी जिले में खाद पहुंची। खाद की खेप आने की सूचना मिलते ही बारिश के बीच देर रात 3 बजे किसान मंडी पहुंचना शुरू हो गए। करीब 11 बजे तक 300 से अधिक किसान पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र पहुंचे और भीड़ उमड़ने से वहां अव्यवस्था बन गई। इसके चलते स्टाफ को पुलिस बुलानी पड़ी और उनकी निगरानी में खाद वितरण करना पड़ा।
विज्ञापन

बता दें कि पिछले कई दिनों से दादरी जिले में खाद की खेप नहीं आई थी और किसान इंतजार कर रहे थे। सोमवार सुबह पुरानी अनाज मंडी स्थित वितरण केंद्र पर खाद के 1,000 बैग पहुंचे और किसान बारिश के बीच वहां खाद लेने पहुंच गए। सुबह करीब 11:30 बजे तक बारिश हुई, लेकिन किसान लाइन में डटे रहे।
दूसरी ओर, अव्यवस्था बनने पर यातायात थाना प्रभारी दिलबाग सिंह अपनी टीम समेत मौके पर पहुंचे और केंद्र के अंदर घुसे किसानों को पुलिस कर्मियों ने बाहर निकाला। उस दौरान कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि वो सुबह से लाइन में खड़े थे और उन्हें बेवजह बाहर निकाला गया। खाद लेने के लिए 70 से अधिक महिला किसान भी केंद्र पर पहुंचीं।
विज्ञापन


- 14 अगस्त को पहुंचे थे महज 500 बैग
दादरी की पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र पर अंतिम खेप 14 अगस्त को आई थी और उसके बाद सोमवार को पहुंची है। 14 अगस्त को भी महज 500 बैग आए थे जबकि इस बार भी महज 1,000 बैग पहुंचे हैं। किसानों की संख्या के लिहाज से बैग का वितरण अधिकारियों की ओर से सोच-समझकर किया गया।

- असमान वितरण का लगाया आरोप
किसान रामअवतार, सुरेंद्र, दलीप, कृष्ण, जयसिंह और मनोज आदि ने कहा कि खाद वितरण केंद्र का स्टाफ बैग का असमान वितरण कर रहा है। किसी किसान को चार बैग दिए जा रहे हैं तो किसी को एक बैग देकर टरका जा रहा है। पुलिस भी इसका विरोध करने वाले किसानों पर ही सख्ती बरत रही है। कई किसान तो पुलिसकर्मियों से उलझते भी नजर आए।


किसान बोले: रात 3 बजे पहुंचे थे मंडी, व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं
- रात 3 बजे मंडी पहुंचा था और उस दौरान यहां करीब 15 किसान थे। तब से कतार में लगा था और जब नंबर आया तो पुलिसकर्मियों ने पकड़कर बाहर निकाल दिया। खाद वितरण केंद्र पर व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।
=मनोज, मौड़ी

- दस दिनों से खाद के लिए वितरण केंद्र के चक्कर लगा रहा हूं। सोमवार सुबह जल्दी ही यहां पहुंच गया था। जितने किसान आए हैं उस लिहाज से खाद के बैग नहीं भेजे गए हैं। खाद के लिए किसान परेशान हैं और केंद्र पर व्यवस्था ठीक नहीं है।
-रामअवतार, किसान

कृषि विभाग एसडीओ की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से खाद वितरण किया गया। व्यवस्था कायम रहे इसके लिए पुलिस बुलाई गई और जितने बैग पहुंचे थे, सबका वितरण कर दिया गया।
विज्ञापन

-राजेश, सहायक मैनेजर, जमींदारा सोसायटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें