कीकर वासनी स्थित हनुमान मंदिर में कथा वाचन करते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज।
चरखी दादरी। नगर स्थित कीकरवासनी बड़ा हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण के द्वितीय दिन कथा में अमर कथा और शुकदेव के जन्म के वृतांत का वर्णन किया गया। कथा वाचक स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सर्व जन पर ठाकुर की असीम कृपा है।
उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या संपदा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मानव भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते हैं तो प्यासा बन कर आएं, कुछ सीखने के उद्देश्य से आएं तभी भागवत कथा कुछ दे पाएगी। महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान सांसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के प्रधान जीतराम गुप्ता, राकेश अरोड़ा, शिवचरण,अजय वशिष्ठ, सुंदरलाल, मनोज जांगिड़, जयप्रकाश कौशिक, केशव पंत, रमेश वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।