फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: विद्यार्थियों की दैनिक हाजिरी पोर्टल पर भेजने से ड्रॉप आउट संख्या बढ़ने का अंदेशा

Thu, 14 Dec 2023 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
झोझूकलां राजकीय कन्या स्कूल में पढ़ाई करतीं छात्राएं।
विज्ञापन
चरखी दादरी। शिक्षा विभाग की ओर राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की प्रतिदिन की हाजिरी ऑनलाइन पोर्टल पर भेजने के निर्णय से ड्रॉप आउट का आंकड़ा भी बढ़ने की संभावनाएं बन रही हैं। जिले का स्कूलों में विद्यार्थी उपस्थिति की औसत अधिकतम 70 से 75 प्रतिशत तक आंकी जा रही है।
विज्ञापन

बता दें कि पहले शिक्षक रजिस्टर में हाजिरी लगाता था, जिससे तकरीबन विद्यार्थियों की हाजिरी जैसे-तैसे पूरी कर दी जाती थी। वहीं, शिक्षा विभाग का नियम है कि अगर विद्यार्थी स्कूल से लगातार छह दिन गैर हाजिर हो जाता है तो उसका रिकॉर्ड से नाम कट जाएगा। लड़की के लिए यह नियम 10 दिन गैरहाजिरी का है। जिले में अब तक 85 प्रतिशत स्कूलों ने ऑनलाइन पोर्टल पर हाजिरी भेजना सुनिश्चित करने की रिपोर्ट है। वहीं, शिक्षाविदों का यह भी मानना है कि ऑनलाइन हाजिरी से मिड-डे-मिल में संभावित फर्जीवाड़ा पर भी रोक लग सकेगी। जितना विद्यार्थी उपस्थिति होगी उतने का ही खाना बनेगा। हालांकि शिक्षाविदों का ये भी मानना है कि जो विद्यार्थी जान-बूझकर स्कूल नहीं आते थे वे इस निर्णय से नियमित हो जाएंगे। इससेे परीक्षा परिणाम में भी सुधार आने की उम्मीद है। जब विद्यार्थी कक्षा नियमित लगाएगा तो उसकी शैक्षिक कमजोरी भी दूर सकेगी।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि हाजिरी सौ फीसदी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को प्रयास करने की जरूरत है। इसके लिए शिक्षकों को अभिभावकों से समय-समय पर संपर्क साधना होगा तब जाकर यह पॉलिसी सिरे चढ़ पाएगी। दाखिला के समय शिक्षक जैसे-तैसे डोर-टू-डोर अभियान चलाकर छात्र संख्या बढ़ाते हैं। अब शिक्षकों को विद्यार्थी संख्या को बरकरार रखना आसान नहीं होगा। बहुत से ऐसे विद्यार्थी आदतन स्कूल जाना पसंद नहीं करते और उनके अभिभावकों को भी इसका पता नहीं होता है। इसके लिए अभिभावकों विद्यार्थी की हाजिरी के प्रति जागरूक भी करना होगा।
विज्ञापन




जानिये... फैसले पर किसने क्या दी प्रतिक्रिया
विभाग का ऑनलाइन हाजिरी भेजने का निर्णय सही है इससे विद्यार्थी की रेगूलरटी बढ़ने पर परिणाम में भी सुधार आने की उम्मीद है। इसके साथ- साथ विद्यार्थियों का नाम कटने व ड्रॉप आउट का आंकड़ा बढ़ने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षकों को कठिन प्रयास करने होंगे तब जाकर इसे सिरे चढ़ाया जा सकता है।
-कुलदीप सिंह, रिटायर्ड क्लास वन अफसर, शिक्षा विभाग



- विभाग के ऑनलाइन हाजिरी भेजने के निर्णय से ड्रॉप आउट का आंकड़ा बढ़ने की ज्यादा संभावना है। अब तक राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी उपस्थिति का आंकड़ा कम ही रहा है। अब विद्यार्थी के नाम कटने का आंकड़ा बढ़ने की संभावनाएं हैं। इसके लिए शिक्षकों को प्रयास करने होंगे तभी हाजिरी सुनिश्चित हो सकती है।
विज्ञापन

-संजय शास्त्री, जिला अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय राजकीय अध्यापक संघ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें