चरखी दादरी। जिले में बनीं 22 व्यायामशालाओं को अपने अधीन लेने से जिला आयुर्वेद विभाग ने इन्कार कर दिया है। विभाग का तर्क है कि इन व्यायामशालाओं की भौतिक जांच की गई है जिसमें ये खरा नहीं उतर पाईं। नियमानुसार जिले में निर्मित 22 व्यायामशालाओं में छोटे-बड़े 20 मानक पूरे होने चाहिए जबकि नवनिर्मित व्यायामशालाएं मुख्य आठ मानक भी पूरी नहीं कर पा रही हैं।
बता दें कि पंचायती राज विभाग की ओर से आयुर्वेद विभाग को वर्ष 2022 में पत्र लिखकर इन व्यायामशालाओं को टेकओवर यानी अपने अधीन लेने के लिए कहा गया था। पत्र के जवाब में आयुर्वेद विभाग ने व्यायामशालाओं को अपने अधीन लेने से स्पष्ट इन्कार कर दिया है।
बता दें कि जिले में 47 व्यायामशालाओं के निर्माण को सरकार ने 6 साल पहले मंजूरी थी। उस दौरान 22 व्यायामशालाएं पंचायतीराज विभाग की ओर से तैयार करवाई गई थीं। सरकार के निर्देशानुसार पंचायती राज विभाग इन व्यायामशालाओं को संचालन के लिए आयुर्वेद विभाग को देने को तैयार है जबकि आयुर्वेद विभाग इन्हें अपने अधीन लेने से इन्कार कर रहा है। इसका मूल कारण व्यायामशालाओं में मानक पूरे न होना है।
आयुर्वेद विभाग की टीम ने व्यायामशालाओं का किया दौरा
पंचायतीराज विभाग के पत्र लिखने के बाद आयुर्वेद विभाग की टीम ने व्यायामशालाओं का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान सामने आया कि व्यायामशालाओं में न तो मेन गेट है और न चहारदीवारी। इतना ही नहीं बिजली-पानी व शौचालय की सुविधा भी नहीं है। वहीं, व्यायामशालाओं में महिलाओं के लिए अलग से शौचालय बनाने का प्रावधान है और परिसर में पौधे लगाना भी जरूरी है।
आयुर्वेद विभाग ने व्यायामशालाओं को अपने अधीन लेने से स्पष्ट मना कर दिया है। हमने पंचायत राज विभाग को पत्र के जरिये ये जवाब दे दिया है। इन व्यायामशालाओं में मेन गेट व चहारदीवारी तक नहीं हुई है और बिजली- पानी की सुविधा नहीं है। यहां शौचालय भी नहीं बने हैं। ऐसी हालत में इन्हें टेकरओवर नहीं कर सकते।
सतप्रकाश गुप्ता, कार्यकारी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी
जल्द ही इस मसले का समाधान कर लिया जाएगा। व्यायामशालाओं को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं आने देंगे। बिजली-पानी की व्यवस्था आयुर्वेद विभाग या फिर ग्राम पंचायत लेवल पर होनी चाहिए।
भरत सिंह, एक्सईएन पंचायती राज