चरखी दादरी। दादरी जिले में चिकित्सा अधिकारी (एमओ) के 38 पद खाली हैं। जिले में स्वीकृत एमओ के 95 पदों के सापेक्ष मात्र 57 की ही तैनाती है। एमओ की कमी से जिले की तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में एक भी चिकित्सक तैनात नहीं हैं और यहां दूसरे अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की क्रमवार ड्यूटी लगाकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। इससे चिकित्सीय सेवाएं प्रभावित हो रहीं हैं।
जिले की आबादी करीब साढ़े पांच लाख है। इनके लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 17 है। इनमें सिविल अस्पताल और मातृ शिशु अस्पताल के अलावा तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 12 पीएचसी हैं। इसके बावजूद जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों के 40 फीसदी पद खाली हैं। इन केंद्रों पर चिकित्सकों के अलावा विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को कई सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विशेषज्ञों की कमी के कारण जिले से रोजाना 100 से अधिक मरीज रोहतक पीजीआई या भिवानी रेफर किए जा रहे हैं।
इस संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग के पास 15 वेंटिलेटर तो हैं, लेकिन इन्हें चलाने वाला एक भी फिजिशियन नहीं है। फिजिशियन की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग कई बार मुख्यालय को मांगपत्र भेज चुका है, लेकिन खाली पद नहीं भरे जा सके।
- सिविल अस्पताल में 17 चिकित्सक ही तैनात
सिविल अस्पताल में सृजित कुल 42 पदों में से मात्र 17 चिकित्सक ही तैनात हैं। मातृ शिशु अस्पताल में चिकित्सकों के 70 फीसदी पद खाली हैं। यहां सात में से दो ही चिकित्सक तैनात हैं। वहीं, सात पीएचसी में भी 50 फीसदी चिकित्सक ही तैनात हैं। डिप्टी सीएमओ के पद खाली होने से सात एमओ के पास ही इनका प्रभार भी है और स्वास्थ्य केंद्रों पर वो भी अपनी सेवाओं का लाभ मरीजों को नहीं दे पा रहे हैं। डिप्टी सीएमओ का ज्यादातर फोकस अपने कार्यक्रम पर ही रहता है।
- विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रयास नहीं आए काम
जिला स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो पाई है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। मजबूरीवश मरीजों को भी दूसरे जिले के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ये पीएचसी चल रही बिन चिकित्सक के
जिले में सात पीएचसी पर जरूरत के अनुसार 50 फीसदी चिकित्सक ही तैनात हैं, लेकिन तीन पीएचसी में स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सक ही तैनात नहीं किए हैं। इनमें माईकलां, मानकावास और कादमा के पीएचसी शामिल हैं। इस कारण वहां के मरीज परेशान हैं।
जिले में चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों के पास मांगपत्र भेज चुके हैं। चिकित्सक मिलते ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती कर कमी दूर कर दी जाएगी। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।