चरखी दादरी। मणप्पुरम गोल्ड लोन एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी) दादरी शाखा में हुई चोरी की गुत्थी दादरी पुलिस ने सुलझा ली है। वारदात में शामिल गोल्ड लोन एजेंसी के एक पूर्व अधिकारी के साले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी किरण सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।
वीरवार रात दादरी के परशुराम चौक समीप स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन एजेंसी के मुख्य शटर का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। अहम बात यह रही कि स्ट्रॉग रूम में रखी सेफ को तोड़ने के बजाय दो चाबियों से खोला गया। इससे मौजूदा या पूर्व स्टाफ का हाथ होने की बात सामने आई थी। वहीं, शुक्रवार देर शाम फील्ड जोनल मैनेजर रवि के. ने पुलिस को शिकायत देकर ब्रांच हेड प्रयास खत्री, जूनियर स्टाफ अंकित, एरिया मैनेजर रामसिंह समेत पूर्व ब्रांच हेड विजय और पूर्व ब्रांच हेड सहायक दीपेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
रवि के. ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि एजेंसी की शाखा से 6 किलो 600 ग्राम और 8 मिलीग्राम सोना चोरी हुआ है। इसकी कीमत करीब 5 करोड़ है। वहीं, एजेंसी की सेफ से कुल 14,02,519 रुपये कैश चोरी हुआ है। शिकायत के आधार पर दादरी शहर थाना पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। वहीं, एसपी अर्श वर्मा ने जल्द से जल्द वारदात सुलझाने के निर्देश दिए थे।
शनिवार को डीएसपी हेडक्वार्टर धीरज कुमार ने बताया था कि सेफ को तोड़ने के बजाय खोला गया है। इससे एजेंसी के मौजूदा या पूर्व स्टाफ का इसमें हाथ होने का अंदेशा है। वहीं, अब पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एक आरोपी किरण को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, अभी मामले के खुलासे को लेकर पुलिस कुछ भी बोलने से बच रही है। सूत्रों की मानें तो मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए अंदरखाने गहनता से जांच की जा रही है।
एसपी ने गठित की थीं चार टीमें
करीब 5.14 करोड़ की चोरी की चर्चा चंडीगढ़ तक हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं इस पर संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द इसे सुलझाने के निर्देश दिए थे। वहीं, एसपी अर्श वर्मा ने चार टीमों का गठन किया था। पुलिस टीमों ने संयुक्त तालमेल से तीन दिन के अंदर वारदात को सुलझाते हुए एक आरोपी को दबोच लिया है। सोनीपत निवासी आरोपी किरण से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
स्टाफ के हाथ होने का था अंदेशा
एजेंसी शाखा परिसर के अंदर जो तार काटे गए हैं, उनकी तमाम जानकारी चोरों को थी। चोरों को यह पता था कि कौनसा तार काटने से इंटरनेट व सीसीटीवी रिकॉर्डिंग बंद होगी। इसके अलावा, यह भी जानकारी थी कि अलार्म सिस्टम कहां से बंद करना है। वहीं, सेफ के ताले तोड़ने के बजाय खोलकर चोरी करने से स्टाफ पर शक और प्रबल हुआ।
60 से अधिक सीसीटीवी खंगाले
चोरी का पता चलने के बाद से ही दादरी पुलिस की अलग-अलग टीमें अपने स्तर पर जांच में जुट गई थीं। करीब 60 से अधिक सीसीटीवी खंगालने पर दो चोरों के बारे में सुराग लगा। उन्होंने सिर पर टोपी, मुंह पर मास्क और हाथों में ग्लब्ज पहने थे। इसके बाद पुलिस उन्हें ट्रेस करते हुए एक आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही। यह दादरी पुलिस की बड़ी सफलता है।
फील्ड जोनल मैनेजर रवि के. की शिकायत पर पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया था। एक आरोपी को काबू किया गया है। यह एक पूर्व अधिकारी का साला है। -
सन्नी कुमार, एसएचओ, दादरी शहर पुलिस थाना