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Charkhi Dadri News: नालों की सफाई में की गई खानापूर्ति, प्रशासन दोबारा करवा रहा

Fri, 05 Jul 2024 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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रोहतक रोड पर बना नाला। संवाद
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चरखी दादरी। पीडब्ल्यूडी और जनस्वास्थ्य के नालों के रखरखाव की जिम्मेदारी जिला प्रशासन नगर परिषद को सौंपने जा रहा है। इसके लिए डीसी मनदीप कौर ने इन विभागों को औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन के आदेश नगर परिषद ने नालों की सफाई करवाकर गाद निकालने का काम शुरू कर दिया है। नालों पर अधिकारियों ने ध्यान देरी से दिया, जबकि ये काम तो 20 जून तक ही हो जाना चाहिए था।
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मानसून सीजन में पानी निकासी में शहर में बनाए गए नालों की अहम भूमिका होती है। समय रहते नालों की सफाई नहीं होने पर शहर में जलभराव भी होता है, जिससे लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। इस मानसून सीजन की बात करें तो शहर के नालों की सफाई तो की गई, लेकिन उसमें खानापूर्ति हुई। इसकी बानगी अब दोबारा सफाई के दौरान देखने को मिली रही है। अब सफाई कार्य के दौरान नालों से मलबे के साथ गाद भी निकल रही है।
ऐसे में स्पष्ट है कि नालों के रखरखाव के प्रति संबंधित विभाग नियमित ध्यान नहीं देते और आमजन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। अब डीसी मनदीप कौर ने नालों की दुर्दशा पर भी स्वत: संज्ञान लिया है। उन्होंने रोहतक रोड के नालों को आपस में जुड़वा कर पानी निकासी में आ रही अड़चन को दूर करवा दिया है।
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विभागों काे लिखा गया पत्र
अब जिला प्रशासन ने सभी नाले नगर परिषद के अधीन करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा है। ये नाले नगर परिषद के अधीन होने की औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी कर ली जाएंगी। नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि इसके बाद नालों की सफाई नियमित करवाई जाएगी।



जानिये... अभी कौन-सा नाले किसके अधीन
दादरी-भिवानी रोड, चंपापुरी, तिकोना पार्क, झज्जर घाटी, पुरानी गोशाला रोड, रंगीला मंदिर, सरदार झाडू सिंह चौक से परशुराम चौक तक सभी नाले नगर परिषद के अधीन है। वहीं, रोहतक रोड पर डीसी निवास के साथ वाला नाला जनस्वास्थ्य विभाग के अधीन है। घिकाड़ा रोड नाले का निर्माण भी नगर परिषद की ओर से करवाया गया था।


नालों की सफाई में बरती जाती है कोताही
नगर आयुक्त एवं एडीसी डॉ. जयेंद्र छिल्लर ने बताया कि नालों की सफाई के दौरान सभी विभाग खानापूर्ति करते हैं जिसके चलते बारिश का पानी नालों से ओवरफ्लो होकर सड़क पर भर जाता है। इसके चलते आमजन के साथ दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।



विभाग सफाई करवाने और ढक्कन लगवाने के बाद नालों को नगर परिषद को सौंप सकते हैं। इसके बाद इनके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद को होगी। नालों का बेहतर रखरखाव कर शहर को जलभराव से बचाया जाएगा। आमजन से अपील है कि नालों में कचरा, प्लास्टिक पॉलीथिन या मलबा न डाले। -डॉ. जयेंद्र छिल्लर, नगर आयुक्त एवं एडीसी
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