चरखी दादरी। ग्राम पंचायतों को आदर्श सौर गांव बनाने की दिशा में प्रोत्साहन के लिए सरकार ने महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है जिसके तहत सबसे अधिक सोलर पैनल लगवाने वाले गांव को एक करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि दी जाएगी। योजना में जिले के 16 ऐसे गांवों को शामिल किया गया है, जिनकी आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 5 हजार से ज्यादा है।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना चलाई जा रही है। योजना का एक घटक माॅडल सौर गांव है जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक जिला में एक आदर्श सौर गांव बनाना है। चयनित गांवों में सोलर उपकरणों को अपनाने की छह माह की प्रतिस्पर्धा 26 मई से शुरू हो चुकी है जो 25 नवंबर तक चलेगी। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले गांव को माॅडल सोलर ग्राम बनाया जाएगा। चुने हुए गांवों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में जनहित में कार्य किए जाएंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मुनीष नागपाल ने बताया कि उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित मीटिंग में योजना को गति देने के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन कर दिया गया है। ऊर्जा विभाग की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री कुसुम सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम, सोलर स्ट्रीट लाइट, ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट योजनाओं को शामिल किया है। योजनाओं का लाभ लेने वाली पंचायत माडल सोलर ग्राम के लिए चयनित की जाएगी।
उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक में अधीक्षक अभियंता को निर्देश दिए हैं कि सरपंच और ग्राम सचिवों के माध्यम से गांवों में जागरूकता अभियान चलाएं। योजना के तहत जिला में बाढड़ा, बेरला, सांवड़, बौंद कलां कलां, रानीला, सांजरवास, झिंझर, अचीना, चरखी, छप्पार, इमलोटा, रावलधी, समसपुर, चिडि़या, झोझू कलां और कादमा शामिल गांव किए गए हैंं।