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Charkhi Dadri News: जिला परिषद सीईओ की खाली कुर्सी को पहनाई गेंदे की माला, कर्मचारियों को दिए गुलाब

Fri, 28 Mar 2025 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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जिला परिषद सीईओ की कुर्सी को गेंदा की माला पहनाते जिला पार्षद रविंद्र सांगवान, पंचायत समिति सदस
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चरखी दादरी। वार्ड-3 से जिला पार्षद रविंद्र सांगवान ने पंचायत समिति सदस्यों को साथ लेकर जिला परिषद कार्यालय में ठप पड़े विकास कार्याें पर अनूठे ढंग से विरोध जताया। सीईओ की तैनाती न होने पर खाली कुर्सी को गेंदे के फूलों की माला पहनाई गई जबकि कर्मचारियों को गुलाब थमाए गए। इसके बाद प्रेसवार्ता में जिला पार्षद ने भ्रष्टाचार को विकास कार्य अधर में रहने का कारण बताया।
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दोपहर करीब एक बजे रविंद्र सांगवान पंचायत समिति सदस्यों व कुछ सरपंचों व प्रतिनिधियों के साथ जिला परिषद कार्यालय पहुंचे। सबसे पहले वह सीईओ के कक्ष में गए। रविंद्र सांगवान ने बताया कि करीब डेढ़ माह से जिला परिषद सीईओ का पद खाली है जबकि एडीसी भी तैनात नहीं हैं। दोनों पद खाली होने का सीधे तौर पर असर ग्रामीण विकास पर पड़ रहा है।
इसके बाद उन्होंने विरोधस्वरूप खाली कुर्सी को गेंदे के फूलों की माला पहनाई और फिर साथ लगते कक्ष में बैठे कर्मचारियों के पास पहुंच गए। विकास कार्य न कराने पर उन्हें गुलाब के फूल देकर विरोध जताया।
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फिर जिला परिषद चेयरमैन कार्यालय में उन्होंने प्रेसवार्ता की। इसमें बताया कि ढाई साल के कार्यकाल में जिला परिषद की बैठकों में 290 प्रस्ताव पास हुए हैं। इनमें से महज 65 काम पूरे हुए हैं। प्रमाणपत्र एक का भी जमा नहीं हुआ है। कुछ विकास योजनाएं ऐसी हैं, जिनकी 95 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है। अब इन्हें अधिकारी जान-बूझकर पूरा नहीं करवा रहे।
रविंद्र सांगवान ने कहा कि ठेकेदारों से कमीशन की सांठगांठ के प्रयास में कार्य लंबित रखे जाते हैं। कागज में काम जारी होने का तर्क दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और विकास कार्याें ने रफ्तार नहीं पकड़ी तो धरना-प्रदर्शन भी शुरू किया जाएगा।
13.32 करोड़ की बजट राशि में से 1.29 करोड़ का ही भुगतान
दादरी के जिला बनने के बाद पहली बार जिला परिषद चुनाव हुए थे। पहली कार्यकारिणी के कार्यकाल को ढाई साल हो चुके हैं। इस समय अवधि में जिला परिषद के खाते में 13.32 करोड़ की ग्रांट पहुंची है। फरवरी तक 1.29 करोड़ ही विकास कार्याें के भुगतान में खर्च हुए हैं। रविंद्र सांगवान ने बताया कि 12.03 करोड़ अब भी खाते में
हैं। बावजूद इसके विकास कार्य नहीं कराए जा रहे।

ये विकास कार्य नहीं चढ़ पाए सिरे
रविंद्र सांगवान ने बताया कि उनके वार्ड के गांवों में चौपाल की चहारदीवारी निर्माण, ई-लाइब्रेरी, दूषित पानी की निकासी के लिए आरसीसी लाइन, पंचायती जमीन पर टिन शेड निर्माण, चौपाल निर्मण, बस क्यू शेल्टर, इनडोर जिम, पानी के टैंकर, स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांगें लंबित हैं।
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