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Charkhi Dadri News: रफ्तार में था ट्रक, मोड़ पर नहीं रहा चालक का काबू, बस से टकराया

Thu, 11 Apr 2024 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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घायल को सिविल अस्पताल पहुंचाते स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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चरखी दादरी। दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग पर बुधवार दोपहर बस और ट्रक के बीच टक्कर हुई। दोनों वाहन टकराने की आवाज घटनास्थल से 100 मीटर दूर स्थित अचीना ताल पुलिस चौकी के अंदर तक सुनाई दी। चौकी स्टाफ और लोग मौके पर पहुंचे व राहत कार्याें में जुट गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रक तेज रफ्तार में था और मोड़ पर चालक के नियंत्रण नहीं रख पाने पर सामने से आ रही बस से टकरा गया।
घटना के वक्त बस में 50 से ज्यादा यात्री सवार थे। घायलों को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों वाहन टकराते ही जोर की आवाज सुनाई दी। दौड़कर मौके पर पहुंचे तो बस सवार यात्री लहूलुहान मिले। लोगों ने बताया कि ट्रक में सीमेंटेड टाइल ब्लॉक लोड थे और इन्हीं के चलते यात्रियों को ज्यादा चोटें लगी। उन्होंने बताया कि ट्रक के टकराते ही बस के शीशे टूटकर यात्रियों को जा लगे। दो प्रवासी श्रमिकों की आंखों में कांच के टुकड़े लग गए। दोनों श्रमिक अनूप व अमित को ऑपरेशन के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। इसके अलावा अन्य श्रमिक भी मुंह व सिर में कांच के टुकड़े लगने से घायल हो गए।
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घायल बोले- एकबार तो लगा नहीं बचेंगे जिंदा
प्राइवेट बस में 21 प्रवासी श्रमिक सवार थे। उन्होंने बताया कि ट्रक के बस से टकराने से पहले लगा कि कोई भी जिंदा नहीं बचेगा। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों को लहूलुहान देखकर मौके पर चाीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी भी बस में सवार था और वह अचीना ताल चौकी के सामने ही उतरा था। उक्त मुलाजिम ने चौकी में प्रवेश ही किया था कि उसी दौरान जोर का धमाका हो गया।


जमालपुर निवासी मीरा ने हादसे में गंवाई तीसरी बेटी
हादसे में झज्जर जिले के जमालपुर निवासी मीरा देवी ने अपनी तीसरी बेटी गंवा दी। मीरा देवी को उसकी बेटी रेखा भिवानी दवा दिलाने गई थी। इसके बाद वो अपनी मां को छोड़ने जमालपुर गांव जा रही थी। रेखा की शादी रेवाड़ी जिले के दखोरा गांव में की गई थी। मीरा ने बताया कि उसके एक बेटा और 6 बेटियां थीं, जिनमें से अब तीन की मौत हाे चुकी है।


अस्पताल स्टाफ ने सूचना मिलते ही की तैयारी, घायलों को तत्काल मिला उपचार
हादसे की सूचना मिलते ही सिविल अस्पताल स्टाफ अलर्ट हो गया और घायलों के आने से पहले ही इमरजेंसी कक्ष समेत स्ट्रेचर व अन्य व्यवस्थाएं कर दी गईं। इसका फायदा ये हुआ कि घायलों को तत्काल उपचार मिल गया। दो एंबुलेंस और एक हाईवे का पेट्रोलिंग वाहन घायलों को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा।


एसपी घटनास्थल पर तो डीएसपी- एसडीएम पहुंचे अस्पताल
हादसे के तत्काल बाद एसपी पूजा वशिष्ठ घटनास्थल पर पहुंच गईं। अचीना चौकी प्रभारी राजकपूर समेत बौंदकलां थाना प्रभारी बलबीर सिंह, सदर थाना कार्यवाहक प्रभारी संदीप फौगाट समेत डीएसपी सुभाषचंद्र और एसडीएम नवीन कुमार सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों से हाल-चाल जाना।
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पूर्व मंत्री ने डीसी से किया श्रमिक का शव यूपी भेजने का अनुरोध
हादसे का पता चलते ही पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी सिविल अस्पताल पहुंचे और उत्तर-प्रदेश निवासी घायल श्रमिकों से बातचीत की। उन्होंने पूर्व मंत्री से मृतक रामेश्वर का शव उत्तर-प्रदेश भेजने की मांग की। इसके बाद पूर्व मंत्री ने डीसी मनदीप कौर से फोन पर बातचीत कर ये व्यवस्था करवाने का अनुरोध किया। डीसी ने तत्काल उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया।
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