चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने के लिए तैयार किए गए ढांचे का प्रदेश और केंद्र स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। टीम यहां की ज्यादातर व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आई और थोड़ा बहुत फेरबदल करने के निर्देश दिए। जिला स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जल्द ही व्यवस्थाएं टीम के निर्देशानुसार कर दी जाएंगी। उसके बाद दोबारा संयुक्त टीम यहां जायजा लेने पहुंचेगी। ये तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद फरवरी तक ब्लड बैंक शुरू होने की उम्मीद है।
नागरिक अस्पताल में 480 यूनिट भंडारण क्षमता का ब्लड बैंक खुलना प्रस्तावित है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने करीब 6 माह पहले ही इसका ढांचा तैयार कर टीम के निरीक्षण के लिए मुख्यालय लिखा था। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को टीम नागरिक अस्पताल में तैयार किए गए ब्लड बैंक के ढांचे का निरीक्षण करने पहुंची। टीम यहां करीब आठ घंटे तक रुकी रही और उस दौरान बारीकी से व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सूत्रों की मानें तो टीम में प्रदेश और केंद्र स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर ब्लड बैंक ढांचे की जांच की और व्यवस्थाओं में करीब दस फेरबदल करने के निर्देश दिए। टीम ने स्थानीय अधिकारियों से कहा कि व्यवस्थाओं में फेरबदल होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। उसके आधार पर ही ब्लड बैंक शुरू करने का भविष्य तय होगा।
सूत्रों के अनुसार, टीम के निरीक्षण के बाद ब्लड बैंक का लाइसेंस मिलने की राह साफ हो गई है। वहीं, टीम के दूसरे निरीक्षण के बाद ब्लड बैंक शुरू हो जाएगा।
- 19 लाख में तैयार हुआ था ढांचा
नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने पर 19 लाख रुपये की लागत आई है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक साल पहले ब्लड बैंक की मशीनें मंगवाकर छह माह पहले स्थापित भी करवा दिया है। वहीं, ब्लड बैंक शुरू करने के लिए विभाग ने आवेदन किया था और उसी आधार पर टीम ने निरीक्षण किया।
-रिक्त के लिए भिवानी ब्लड बैंक पर निर्भर है दादरी जिला
दरअसल, दादरी जिला रक्त के मामले में अभी पूर्णतया भिवानी पर निर्भर है। सिविल अस्पताल में भिवानी से ही रक्त की पूर्ति की जा रही है। इसके लिए हर दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गाड़ी लेकर जाती है। इस झंझट को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने की योजना तैयार की है।
- फिलहाल 30 यूनिट है क्षमता
ब्लड बैंक निर्माण के लिए नागरिक अस्पताल में दो कमरों का चयन किया गया। यह चयन पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने किया था। इस समय अस्पताल के पुराने भवन में ब्लड यूनिट की क्षमता अधिकतम 30 यूनिट की है। कई दफा ब्लड खत्म होने की स्थिति में मरीज के तीमारदारों को खुद ब्लड बैंक जाकर खून लाना पड़ता है। ब्लड बैंक बनने के बाद मरीजों के लिए जिलावासियों को सिविल अस्पताल में ही रक्त मिल जाएगा।
- हर साल आठ से दस हजार यूनिट होता है जिले में रक्तदान
हर साल जिले में डेढ़ सौ से अधिक रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर युवा ही रक्तदान करते हैं। एक साल में जिला औसतन आठ से 10 हजार यूनिट रक्तदान करता है। सोनीपत, भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, गुरुग्राम, नई दिल्ली, रेवाड़ी आदि जिलों की ब्लड बैंक टीमें दादरी में आकर रक्तदान करवाती हैं। लंबे समय से नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने की दरकार है।
ब्लड बैंक के ढांचे का निरीक्षण करने टीम दादरी नागरिक अस्पताल पहुंची थी। कुछ व्यवस्थाओं में फेरबदल के आदेश दिए गए हैं और जल्द ही उसी अनुसार व्यवस्थाएं कर दी जाएंगी। इसके बाद टीम दोबारा निरीक्षण करने आएगी। उम्मीद है कि फरवरी तक ब्लड बैंक शुरू हो जाए। -डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ एवं प्रवक्ता, दादरी स्वास्थ्य विभाग।