चरखी दादरी। जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से सुबह से लेकर शाम तक जिला गर्म हवाओं और तेज धूप की चपेट में रहा। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं के कारण बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिली।
गर्मी का असर केवल दिन तक सीमित नहीं रहा बल्कि रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। जिले में न्यूनतम तापमान करीब 31 डिग्री तक पहुंच गया है जिससे देर रात तक गर्मी महसूस की जा रही है। लोगों को कूलर और एयर कंडीशनर के बावजूद राहत नहीं मिल रही है। कई क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती खपत के चलते परेशानी भी सामने आने लगी है।
25 से शुरू होगा नौतपा
मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में लोगों की चिंता और बढ़ सकती है क्योंकि तीन दिन बाद 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। नौतपा के दौरान तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना रहती है। ऐसे में अगले करीब 15 दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप और लू का असर बना रह सकता है।
गर्मी कर रही बीमार
भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सिविल अस्पताल और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों में उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन, बुखार और जुकाम के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेज गर्मी और बदलते तापमान के कारण लोग जल्दी बीमार हो रहे हैं। दिन में तेज गर्मी और रात में भी उमस बने रहने से शरीर पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ रहा है।
घर पर रहें
डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने और धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। गर्मी के लगातार बढ़ते प्रभाव और नौतपा की दस्तक के बीच जिले के लोगों को आने वाले दिनों में और सतर्क रहने की जरूरत होगी क्योंकि मौसम फिलहाल राहत के संकेत नहीं दे रहा है
वर्सन:
मौसम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अभी कुछ दिन राहत की उम्मीद नहीं है। ऐसे में गर्मी से खुद का बचाव करें। गर्मी से बचने के लिए विभिन्न उपाय करें। डाॅ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू