चरखी दादरी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सकों ने दो दिन की हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है। हड़ताल के चलते दूसरे दिन मंगलवार को भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कम मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचे। ओपीडी में जो मरीज पहुंचे, उनका उपचार रोग विशेष विशेषज्ञों के बजाय एएमओ, सीएचओ ने उपचार किया। दो वर्षीय बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर होने पर उसे उपचार नहीं मिल सका। मंगलवार को नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन भी नहीं हुए। एमसीएच यूनिट में अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद रही। सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने भी मरीजों का उपचार किया।
84 चिकित्सक रहे हड़ताल पर
जिला स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी 84 मेडिकल ऑफिसर मंगलवार को हड़ताल पर रहे। सोमवार तक जिले में 81 एमओ कार्यरत थे। वहीं विभाग ने सर्विस में रहते हुए पीजी कोर्स करने गए तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों को दादरी में ज्वॉइनिंग दे दी। ये तीन चिकित्सक भी मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन करते ही हड़ताल में शामिल हो गए।
-दो वर्ष के बच्चे को नहीं मिला उपचार
दादरी निवासी सोनू ने बताया कि उसके दो वर्षीय बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। वह नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचा तो उसे चिकित्सक अवकाश पर होने की बात कहते हुए कल आने को कहा। इसके बाद वह एमसीएच यूनिट में पहुंचा तो यहां भी उपचार नहीं मिला। मजबूरन उसे बच्चे के उपचार के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ा।
बता दें कि दादरी के नागरिक अस्पताल में सामान्य दिनों में हर रोज केवल हड्डी रोग विभाग में 150 से 200 तक ओपीडी होती है। इनके अलावा नेत्र रोग विभाग में 100-150 तक और महिला रोग विभाग में भी 150-200 तक ओपीडी होती हैं। इन तीनों विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देते हैं, लेकिन हड़ताल के चलते तीनों प्रमुख विभागों में दूसरे चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया। मंगलवार को नागरिक अस्पताल में दोपहर पौने दो बजे तक 495 मरीज उपचार के लिए आ चुके थे।
पीएमएसएमए में लगाई सीएचओ की ड्यूटी
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक महीने की 9, 10 व 23 तारीख को प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवतियों की जांच व टेस्टिंग आदि की जाती है। मंगलवार को विभाग की ओर से इस अभियान के तहत भी सीएचओ की ड्यूटियां लगाई गईं जिससे जांच भी प्रभावित हुई।
ये चिकित्सक रहे तैनात
चिकित्सकों की हड़ताल को बेअसर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूसरे दिन भी पुख्ता प्रबंध किए गए थे। इससे ओपीडी में आने वाले सामान्य रोगों से पीड़ित मरीजों को अधिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। विभाग की ओर से एनएचएम के तहत कार्यरत 12 चिकित्सक, आयुष विभाग से 10 चिकित्सक, चार कंसल्टेंट इनमें एक गुरुग्राम व एक रोहतक से, 34 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम आदि में तैनात किए गए थे। 15 जूनियर रेजिडेंट स्टूडेंट और 6 सीनियर रेजिडेंट स्टूडेंट भी तैनात रहे। अस्पताल में एक्स-रे, आपातकालीन वार्ड, लैब आदि में सेवाएं सुचारू रहीं।
अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाई हड़ताल : डॉ. राजीव
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन दादरी के अध्यक्ष डॉ. राजीव बेनीवाल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थान पर एएमओ, सीएचओ व मेडिकल कॉलेज से आए विद्यार्थी उपचार कर रहे हैं। यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। हड़ताल के दौरान एमएलसी नहीं बनीं। नियमों के खिलाफ जाकर एक शव का पोस्टमार्टम किया गया। एसोसिएशन की स्टेट एक्शन कमेटी के आदेशानुसार हड़ताल को अब अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है। मांगों में मुख्य रूप से एसएमओ पद पर सीधी भर्ती को तुरंत बंद करना और संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना जारी करना है।
वर्सन :
नागरिक अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पूर्व की भांति स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रहीं। अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। - डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।