चरखी दादरी। जिले में यूरिया खाद नहीं पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। इस समय गेहूं की बिजाई में डीएपी व सरसों की पहली सिंचाई पर यूरिया खाद की जरूरत है लेकिन एक सप्ताह से खाद नहीं आ रही है। किसान आए दिन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और खाद केंद्रों पर लंबी कतारें नजर आ रही हैं। किसानों का कहना है कि सुबह आठ बजे केंद्र पर पहुंचने और घंटो लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रही है।
बता दें कि सरसों की सिंचाई का समय आ गया है। सिंचाई के बाद सरसों में नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए यूरिया खाद का छिड़काव करना होता है। किसान धारे, बल्लूराम, नरेश, राम सिंह, भूप सिंह व रामकुमार ने बताया कि इस बार तो सरकार ने किसानों के लिए परेशानी पैदा कर दी है। किसान को इस बार महंगा बीज खरीदना पड़ा है। किसानों ने बताया कि जब किसान सरसों बेचने जाता है तो 60 से 64 रुपये प्रति किलोग्राम खरीदी जाती है लेकिन जब इसी सरसों को बीज के नाम पर दुकान से खरीदा जाता है तो प्रति किलोग्राम 950 रुपये वसूले जा रहे हैं जो सरासर किसानों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि सरकार का बीज निर्माण कंपनियों पर नियंत्रण होना चाहिए ताकि किसान पर आर्थिक बोझ न पड़े।
इन किसानों ने बताया कि इस समय यूरिया खाद का संकट बना हुआ है। जिससे किसान चिंता में हैं। अन्नदाता किसान यूनियन जिला अध्यक्ष रामकुमार कादयान का कहना है कि सरकार को दादरी जिला में पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी खाद भेजनी चाहिए ताकि किसान समय पर बिजाई का कार्य निपटा सके।
90 हजार बैग की जरूरत, 40 हजार ही पहुंचे
दादरी जिले में कृषि योग्य रकबे के अनुसार यूरिया के 90 हजार बैग की जरूरत है। दूसरी ओर अब तक जिले में करीब 40 हजार हजार बैग यूरिया ही पहुंची है। इस लिहाज से करीब 50 हजार बैग की जिले के किसानों को जरूरत है, लेकिन आपूर्ति में लगातार देरी हो रही है।
किसान बोले: यूरिया किल्लत के चलते झेलनी पड़ रही परेशानी
-मैं जमींदारा सोसायटी के आए दिन चक्कर काट रहा हूं लेकिन यूरिया खाद नहीं मिल रही है। आज सुबह 9 बजे केंद्र पर पहुंचा था। मैंने छह एकड़ में सरसों की बिजाई की है और 5 बैग की जरूरत है।
खजान सिंह, खेड़ी बूरा
- हमने 22 एकड़ में सरसों और गेहूं की बिजाई कर रखी है जबकि केंद्र पर तीन बैग ही दिए जा रहे हैं। यूरिया बैग की संख्या कम है और मैं सुबह आठ बजे सेहलंगा से दादरी केंद्र पर यूरिया लेने आया था।
शीशपाल, सेहलंगा
पांच-सात दिन में यूरिया के बैग की आपूर्ति हो रही है जबकि हमारी तरफ से डिमांड लगातार भेजी जा रही है। खाद का स्टॉक आते ही हम गांवों में स्थित केंद्रों तक पहुंचा रहे हैं। डिमांड के अनुरूप जल्द ही किसानों को यूरिया के बैग मुहैया करवा दिए जाएंगे।
संदीप, मैनेजर, जमींदारा सोसायटी
सरकार को यूरिया व डीएपी खाद का उचित प्रबंध करना चाहिए। खाद के बिना फसलों की पैदावार औसत कम हो जाएगी। जरूरत के अनुरूप खाद भेजना चाहिए ताकि किसान को परेशान न होना पड़े। किसान पर आर्थिक दबाव आज लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला में खाद का स्टॉक रूम बनाना चाहिए।
रामकुमार कादयान, जिला अध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन