चरखी दादरी। ब्राह्मण भवन में रविवार को सवर्ण समाज की बैठक हुई। इसमें यूजीसी के नए नियमों और कथित भेदभावपूर्ण प्रावधानों का विरोध किया गया। सामान्य वर्ग के लोगों ने सरकार के ठंडे और सुस्त रवैये पर रोष जताया।
पूर्व सरपंच मदन परमार ने कहा कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के युवाओं के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समानता की बात करती है, पर उच्च शिक्षा में मेधावी छात्रों को बाहर कर रही है। देवकीनंदन भारद्वाज ने कहा कि समाज आरक्षण का विरोध नहीं करता।
उन्होंने योग्यता का गला घोटने को बर्दाश्त न करने की बात कही। भारद्वाज ने सरकार से सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखने का आग्रह किया। उन्होंने यूजीसी के नियमों पर पुनर्विचार की मांग की।
आगे की रणनीति
अधिवक्ता कुलदीप शर्मा ने कहा कि इस प्रकार का न्याय स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सरकार का विरोध करने की बात कही। आगे की रणनीति के लिए 31 सदस्यों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति गांव-गांव जाकर सवर्ण समाज के लोगों को जागरूक करेगी। समिति ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से यूजीसी के नियम निरस्त करने का अनुरोध करेगी। राहुल मराठा ने बताया कि कानून वापस करवाने के लिए धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन जैसे सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में रविंद्र कुमार, सतबीर गौड़, नरेश चुटानी, वासुदेव आनंद सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।