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Charkhi Dadri News: आरटीए टीम का साये की तरह होता है पीछा, व्हाट्सएप पर लोकेशन डालकर बदलवाते है ओवरलोड वाहनों के रूट

Mon, 08 May 2023 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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रावलधी-भिवानी लिंक रोड से गुजरता ओवरलोड वाहन।
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आरटीए टीम का साये की तरह होता है पीछा, व्हाट्सएप पर लोकेशन डालकर बदलवाते है ओवरलोड वाहनों के रूट
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- पीछा कर व्हाट्सएप ग्रुप में लोकेशन शेयर करने पर आठ दिन के अंदर हो चुकी 6 लोगों की गिरफ्तारी, आरोपियों के मोबाइल में मिले लोकेशन साझा करने के लिए तीन से चार व्हाट्सएप ग्रुप
- अधिकारियों की गाड़ियों में जीपीएस तक लगा चुका है ओवरलोड माफिया
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। खनन विभाग की मार्फत राजस्व देने में चरखी दादरी जिला प्रदेश में नंबर एक है। दूसरी ओर ओवरलोडिंग की समस्या भी यहां सबसे ज्यादा है। प्रतिदिन 5000 से अधिक डंपर जिले से खनन सामग्री लेकर गुजरते हैं। आरटीए टीम इनमें से गिने-चुने ओवरलोड वाहनों पर ही कार्रवाई कर पाती है। इस कार्रवाई से भी ओवरलोड माफिया बचना चाहते हैं।
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ओवरलोड माफिया इसके लिए चेकिंग पर निकली आरटीए टीम का साये की तरह पीछा किया जाता है। रेकी करने वाले टीम की लोकेशन लगातार व्हाट्सएप पर साझा करते रहते हैं। आरटीए टीम का पीछा करने में एक-दो नहीं बल्कि पांच से अधिक गाड़ियां प्रयोग होती हैं। टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई से बचने के लिए बिना नंबर प्लेट के वाहनों से टीम का पीछा होता है और इसके तुरंत बाद व्हाट्सएप ग्रुप में लोकेशन शेयर कर ओवरलोड वाहनों को दूसरे रूट से निकलवा दिया जाता है। आरटीए टीम की लोकेशन के लिए जो व्हाट्सएप ग्रुप बने हैं उनमें ट्रांसपोर्टर और चालक शामिल हैं। इस ग्रुप का सदस्य बनाने की एवज में फीस भी तय है।
ओवरलोड माफिया के आरटीए टीम से कहासुनी और पीछा करने के 8 दिनों में 4 मामले सामने आ चुके हैं। रेकी करने के दो आरोपियों को तो आरटीए टीम ने मौके पर ही दबोच लिया और इनमें से एक आरोपी झज्जर जिले के मारोत गांव निवासी सोमबीर को तो शनिवार रात ही टीम ने काबू किया है। इसके अलावा चार आरोपियों को पुलिस टीम ने काबू किया था।
- गत आठ दिन में यूं पकड़े छह आरोपी
गत बुधवार को भी आरटीए टीम ने पीछा कर रहे एक स्कॉर्पियो सवार को झोझूकलां क्षेत्र में दबोचा था। उसे पुलिस के हवाले किया गया था और उसके खिलाफ मामला भी टीम ने दर्ज कराया था। आरोपी के पास मिले मोबाइल में तीन व्हाट्सएप ग्रुप मिले थे। इनमें प्रधानजी हेल्पलाइन, प्रधानजी हेल्पलाइन पहाड़ और भाईचारा एकता जिंदाबाद ग्रुप थे। शनिवार को पकड़े गए आरोपी के मोबाइल में भी इनमें से दो ग्रुप मिले हैं। इससे पहले गत एक मई को पुलिस ने आरटीए टीम का पीछा करने पर 4 आरोपियों को दबोचा था।
- अधिकारियों की गाड़ी में लगा चुके जीपीएस
करीब एक साल पहले आरटीए अधिकारियों की गाड़ी में जीपीएस तक लगा मिल चुका है। ये जीपीएस डिवाइस ओवरलोड माफिया की ओर से मौका पाकर लगाई गई थी। इसके बाद तो उन्हें गाड़ियों का पीछा करने तक की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि यह चालाकी पकड़ में आने के बाद उन्होंने फिर से पीछा शुरू कर दिया।
- झड़प के बाद से आरटीए टीम बरत रही सख्ती
28 अप्रैल को समसपुर के समीप चेकिंग कर रही आरटीए टीम की ट्रांसपोर्टरों से झड़प हुई थी। इसके बाद एकत्र होकर ट्रांसपोर्टर और चालक देर रात आरटीए कार्यालय पहुंचे थे। वहां करीब ढाई घंटे तक हंगामे की स्थिति रही थी। उस दौरान सिटी और सदर थाना पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची थी। इस झड़प के बाद से आरटीए टीम रेकी करने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाए हुए है।
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वर्जन::
चेकिंग के दौरान टीम का पीछा किया गया और एक शख्स को हमारी टीम ने मौके पर ही पकड़ लिया। उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
-कुलदीप, आरटीए सहायक सचिव
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