चरखी दादरी। श्राद्ध पक्ष में श्रद्धालुओं की श्रद्धा एक बार फिर से गोवंशों पर भारी पड़ी है। श्राद्ध पक्ष की अमावस्या के दिन पूरे क्षेत्र में पूर्वजों की याद में गोवंशों के लिए निकाला गया ग्रास ही उनके काल का कारण बना। रविवार और सोमवार को गोभक्तों ने 17 गोवंशों को अपने स्तर पर मिट्टी दी। गोभक्तों ने बताया कि मौत का कारण तले भोज से पेट में बना अफारा है। रविवार को 12 और सोमवार को 5 गोवंशों की मौत हुई।
श्राद्ध से पहले गोभक्तों, धर्म गुरुओं, पशुपालन विभाग की ओर से अपील की जाती है कि गोवंश के स्वास्थ्य के लिए अधिक तला और भूना हुआ भोजन अत्यंत हानिकारक है, इसलिए गो ग्रास के रूप में उन्हें केवल हरा चारा, सादी रोटी व आसानी से पचने वाले अन्य खाद्य पदार्थ ही दें। इस बार भी ये अपील तो की गई, लेकिन लोगों ने अनसुनी कर दी और नतीजा ये हुआ कि 17 गोवंशों के पेट में अफारा आ गया और उनके तड़प-तड़पकर प्राण निकल गए।
गोसेवक रिंपी फौगाट ने बताया कि रविवार और सोमवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से 17 गोवंशों की मौत की सूचना उन्हें मिली। सूचना मिलते ही गोभक्तों की टीम को मौके पर भेजा गया और जेसीबी की मदद से मृत गोवंशों को मिट्टी दी गई। रिंपी फौगाट ने कहा कि इससे पहले संबंधित विभाग को सूचना दी गई लेकिन कोई अधिकरी या कर्मी इन गोवंशों की देह संभालने नहीं पहुंचा। मजबूरीवश नागरिकों के सहयोग से टीम ने ये कार्य किया। इससे खफा लोगों ने नगर परिषद व अन्य विभागों की कार्यप्रणाली पर रोष जाहिर किया।
- इन क्षेत्रों में मृत मिलीं गाय
मृत गोवंशों को मिट्टी देने वाली टीम के सदस्य रिंपी फौगाट ने बताया कि रविवार को वार्ड-20 में दो, सिविल अस्पताल के पिछली तरफ तीन, रविदास मोहल्ला स्थित पजावा में एक, गामड़ी क्षेत्र में एक, नई सब्जी मंडी के सामने एक, चिड़िया मोड़ के पास एक, शिव हाई स्कूल के पीछे प्लॉट में एक, वार्ड-19 में 2 गोवंश मृत मिले। सोमवार को प्रदेश सब्जी मंडी एसोसिएशन कार्यकारी प्रधान नितिन जांघू के मकान के समीप दो, गामड़ी में एक, काठमंडी के पिछले तरफ एक व हुडा सेक्टर में एक गोवंश मृत मिला है।
- श्राद्ध में न करें ऐसा घोर पाप : आचार्य गौरव दीक्षित
आचार्य गौरव दीक्षित ने कहा कि श्राद्ध में गायों को तला भोजन गो ग्रास के रूप में कभी नहीं देना चाहिए। ये गोवंशों की मौत का कारण बनता है और जाने-अनजाने में हमसे घोर पाप हो जाता है। श्रद्धा के रूप में गोवंशों को गो-ग्रास के रूप में हरा चारा खिलाएं। इससे पुण्य भी मिलेगा और गोवंशों के प्राण संकट में नहीं पड़ेंगे।
- गोवंशों को मिट्टी देने का इन्होंने उठाया बीड़ा
मृत गोवंशों को मिट्टी देने वाली टीम में राकेश योगी, मनोज सिंगला, विक्रम, संजय चहार, हेमंत, मुकेश, आशीष चौहान, एडवोकेट मोनू फौगाट आदि ने सहयोग किया।
वर्जन:
विभाग की ओर से पहले ही इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी गई थी। सभी पशु अस्पतालों में स्टाफ तैनात था। लोगों को श्रद्धा के नाम पर गोवंशों को तला भोजन नहीं देना चाहिए।
-डॉ. जसवंत जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग