रोहतक। एमडीयू के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के सुसाइड केस में मंगलवार को परिजन पुलिस अधीक्षक (एसपी) हिमांशु गर्ग से मिले और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। साथ में आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ सबूत एकत्रित करने के बजाय मिटा रही है।
मृतका के पिता ने कहा कि पुलिस ने उन लड़कियों के बयान दर्ज नहीं किए, जिन्होंने बताया था कि एक युवक उसकी बेटी को परेशान करता था। एसपी ने पीजीआईएमएस थाना पुलिस से अब तक की जांच रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक चरखी दादरी जिले के एक गांव निवासी पूर्व फौजी ने शिकायत दी थी कि उसकी 23 वर्षीय बेटी एमडीयू की एमएससी की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह एमडीयू के मेघना गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। 12 मई को रात करीब सवा आठ बजे उन्हें सूचना मिली की उसकी बेटी ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगा लिया है। उसकी बेटी को एक लड़का परेशान करता था, जिसकी वजह से उसने जान दी है। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था, लेकिन अभी तक उक्त युवक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।