जनरल कक्ष में जांच करते हुल्कायाकल्प टीम सदस्य।
चरखी दादरी। शहर स्थित नागरिक अस्पताल की नब्ज टटोलने वीरवार को कायाकल्प टीम पहुंची। डॉ. प्रविंद्र गौतम की अगुवाई में टीम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और इस दौरान कुछ जगहों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं मिलीं। टीम ने अस्पताल के अधिकारियों को इन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। वहीं, टीम के निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कायाकल्प के तहत अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।
गौरतलब है कि कायाकल्प टीम ने सुबह करीब 11 बजे अस्पताल में निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता, डीएमएस डॉ. बिजेंद्र लडवाल व अन्य नर्सिंग अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले पुराने भवन के स्टोर में पहुंचकर जांच की। यहां पर कुछ फाइलें जांचीं, जो अस्त-व्यस्त मिलीं। इस दौरान उन्होंने रूम इंचार्ज को फाइल सही तरीके से लगाने की उचित प्रक्रिया बताई।
इसके बाद टीम दवा काउंटर पर व्यवस्थाएं जांचने पहुंची। यहां पर काउंटर प्रभारी से पूछताछ की गई। प्रभारी के दवाओं की संख्या 348 बताने पर इनमें से कितनी दवाएं स्टॉक में नहीं हैं, इसकी जानकारी ली तो उन्होंने चार्ट दिखा दिया। डॉ. गौतम को यह जवाब संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद बायो मेडिकल वेस्ट और शव गृह की जांच की गई और इनमें व्यवस्थाएं ठीक मिलीं।
इमरजेंसी कक्ष में मेकअप की तरह हो सामान
डॉ. प्रविंद्र जब नए भवन स्थित इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे तो बेड और ऑक्सीजन सिलिंडर दीवार के साथ रखे मिले। उन्होंने इन्हें वार्ड की दीवारों से दूर रखने का आदेश दिया। साथ ही अस्पताल में सभी स्थानों कई रंगों के डस्टबिन रखे हुए मिले और टीम सदस्यों ने स्टाफ को केवल पीला और लाल रंग का डस्टबिन प्रयोग करने के लिए कहा। उन्हाेंने नर्सिंग स्टाफ से कहा कि इमरजेंसी कक्ष में सामान मेकअप की तरह ही रखना चाहिए।
अल्ट्रासाउंड मशीन की भेजें डिमांड
एक्स-रे वार्ड के समीप बना अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद देखकर टीम ने सुविधा के संबंध में पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होने का कारण मशीन की कमी है। इसके बाद टीम न स्टाफ को अल्ट्रासाउंड मशीन की मांग मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही टीम ने एक्स-रे कक्ष का निरीक्षण किया और रेडियोग्राफर से मशीन संबंधी सवाल किए। इसके बाद दो मशीनों के प्रमाण पत्र जांचे और दो अन्य मशीनों के प्रमाणपत्र भी दीवार पर लगाने की हिदायत दी।
आईसीयू सुविधा कराएं दुरुस्त
टीम ने आईसीयू की व्यवस्थाओं में फेरबदल करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आईसीयू सुविधा दुरुस्त होनी चाहिए और इसके लिए अस्पताल के दो एमओ को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। वहीं, ओटी में रखे स्पंज के ड्रम में डेट नहीं लिखी मिली और भविष्य में यह चूक न दोहराने के निर्देश भी टीम ने दिए।