चरखी दादरी। शहर के बिजली निगम कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का असर सीधे उपभोक्ताओं के कामकाज पर पड़ रहा है। करीब 26 हजार शहरी बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े कार्यालय में एक्सईएन का पद छह माह और एसडीओ का पद पांच माह से खाली है।
एक्सईएन का अतिरिक्त कार्यभार टोहाना और एसडीओ का अटेला के अधिकारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा एक फायरमैन और तीन कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) के पद भी रिक्त हैं। अधिकारियों की कमी के चलते नए बिजली कनेक्शनों सहित अन्य कार्य लंबित हैं।
शहरी बिजली सब डिविजन में छह महीने पहले एक्सईएन की प्रमोशन और एसडीओ के तबादला होने के बाद इन मुख्य अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। इससे उपभोक्ताओं को नए बिजली कनेक्शन के अटके पड़े हैं वहीं एस्टीमेट तैयार करने, ट्रांसफार्मर बदलने और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर और स्वीकृति जरूरी होती है।
ऐसे में स्थानीय स्तर पर नियमित अधिकारियों की तैनाती न होने से विभागीय प्रक्रियाओं पर असर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को अपने काम पूरे होने का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं फोरमैन और कनिष्ठ अभियंताओं की कमी के चलते उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण समय पर नहीं हो रहा है।
कार्यभार से बढ़ी चुनौती : चरखी दादरी के एक्सईएन का अतिरिक्त कार्यभार टोहाना और एसडीओ का अटेला के अधिकारी संभाल रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों को अपने मूल कार्यक्षेत्र के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। वहीं कार्यालय में तीन जेई और एक फोरमैन का पद खाली होने से कर्मचारियों की कमी भी बनी हुई है। जेई बिजली आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याओं और शिकायतों के समाधान में अहम भूमिका निभाते हैं।
शहर सब डिविजन में लगभग 26 हजार बिजली उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन उपभोक्ताओं की अनेक शिकायतें केंद्र पर पहुंच रही हैं। जानकारी अनुसार प्रतिमाह दो हजार ऑफ लाइन व एक हजार ऑनलाइन शिकायतें केंद्र पर पहुंच रही हैं लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने से शिकायतकर्ताओं का निवारण समय पर नहीं हो पाता।