फतेहाबाद। सरहदों की रक्षा में तैनात सतपाल जाखड़ पर्यावरण बचाने को लेकर भी बेहद संजीदा हैं। गांव मेहूवाला के निवासी इस पर्यावरण प्रेमी सतपाल जाखड़ को बचपन से ही पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का शौक है। अभी तक 500 से अधिक पौधे लगा चुके हैं।
सतपाल भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात हैं। सेना से जब भी छुट्टी आते हैं तो गांव के युवाओं के साथ मिलकर पौधे लगाते हैं। वहीं सेना में एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला होने पर जहां भी ड्यूटी ज्वाइन करते हैं, उस स्थान पर पौधारोपण करते है। गांव मेहूवाला में उनके द्वारा लगाए गए पौधे पेड़ बन चुके हैं। उनके द्वारा लगाए पौधों को ग्रामीण फौजी के पेड़ के नाम जानते हैं।
उनका कहना है कि पर्यावरण की सुरक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। पौधे पूरा जीवन ऑक्सीजन, छांव और फल देते हैं। आप जो ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं, वह आपके पूर्वजों द्वारा पेड़ लगाकर आपको उपहारस्वरूप दिया गया है। आप वही उपहार आने वाली पीढ़ी दें ताकि सांसों पर संकट न आए। उनका कहना है कि प्रदेश में सबसे कम वनक्षेत्र फतेहाबाद जिले का है। यह जिलेवासियों के लिए चिंताजनक है। अगर हर बार मानसून में प्रति व्यक्ति 10 पौधे लगाकर उनकी देखभाल करता है तो जिला में बहुत जल्द वनक्षेत्र बढ़ सकता है।
-पेड़ों के नीचे राहगीरों को आराम करते देख होती है खुशी महसूस
भारतीय सैनिक सतपाल जाखड़ ने शहीद स्मारक, श्मशान घाट, स्कूल और रेलवे स्टेशन पर पौधे लगाए हैं। गांव मेहूवाला के हाल्ट रेलवे स्टेशन के प्रांगण में लगाए गए पौधे अब पेड़ बन चुके हैं। इनके नीचे बैठकर यात्री ट्रेन का इंतजार करते हैं। वहीं स्कूल व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधे लगा चुके है। इन पेड़ों पर पक्षियों और नीचे पशुओं को बैठा देख उनको अच्छा महसूस होता है।