चरखी दादरी। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है। मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को 32वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने आंदोलन को आगामी तीन दिनों के लिए और बढ़ाने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, नगर परिषद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है।
परिषद ने हड़ताल पर बैठे 153 सफाई कर्मचारियों को पांच दिन के भीतर ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों द्वारा नोटिस लेने से इन्कार किए जाने के बाद परिषद प्रशासन ने हड़ताली कर्मचारियों की सूची नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर चस्पा कर दी। इससे दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति और बढ़ गई है।
परिषद के सख्त निर्देश
नगर परिषद ने जारी नोटिस में सफाई कार्य को आवश्यक सेवा बताया है। इसमें कहा गया है कि शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखना परिषद का प्रथम दायित्व है। नोटिस में हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 की धारा 47 का उल्लेख है। इसमें सफाई कार्य को हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1974 के दायरे में बताया गया है। परिषद के अनुसार, कर्मचारी छह अगस्त 2026 से बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। वे नगर परिषद कर्मचारी संघ, हरियाणा की हड़ताल में शामिल हैं। नोटिस में कहा गया है कि हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे बीमारी फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला और कर्मचारियों का विरोध
नगर परिषद प्रशासन ने कर्मचारियों को जारी नोटिस में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के निर्देशों का भी हवाला दिया है। ये निर्देश सफाई व्यवस्था सुचारु रखने से संबंधित हैं। परिषद ने कर्मचारियों को निर्धारित अवधि में ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों ने नोटिस स्वीकार नहीं किए जिसके बाद प्रशासन ने उनकी सूची सार्वजनिक रूप से कार्यालय के मुख्य गेट पर चस्पा कर दी। नगर परिषद अधिकारियों ने धरना स्थल पर भी नोटिस लगाने का प्रयास किया जिसका कर्मचारियों ने विरोध किया। सूची सार्वजनिक होने के बाद सफाई कर्मचारियों में रोष देखा जा रहा है।
आंदोलन जारी रखने का फैसला और शहर की स्थिति
सफाई कर्मचारी प्रधान सूरज कुमार ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन उनकी जायज मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों का मानना है कि केवल नोटिस जारी करने या दबाव बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। लगातार 32 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कचरा जमा हो रहा है। नगर परिषद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने का प्रयास कर रही है, लेकिन नियमित कर्मचारियों की अनुपस्थिति से व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाई है। इससे शहरवासियों को परेशानी हो रही है और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
जब तक हमारी जायज मांगों को नहीं माना जाएगा, हमारी हड़ताल जारी रहेगी। इसके लिए चाहे सरकार भले ही हमें जेल में डाल दे।
- सूरज कुमार, प्रधान, सफाई कर्मचारी