चरखी दादरी में डीसी मनदीप कौर से कथित फर्जी मुठभेड़ मामले की जांच की मांग करतीं अधिवक्ता शीतल स
चरखी दादरी। समाधान शिविर में मंगलवार को डीसी मनदीप कौर के समक्ष कथित फर्जी मुठभेड़ का मामला उठा। अचीना गांव निवासी शिकायतकर्ता पक्ष अपनी वकील शीतल साहू के साथ डीसी के समक्ष पेश हुआ। इन लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने में पुलिस लापरवाही बरत रही है।
केस की पैरवी कर रहीं अधिवक्ता शीतल साहू ने शिकायतकर्ता पक्ष के साथ मिलकर उपायुक्त मनदीप कौर को लिखित शिकायत सौंपी। इसमें बताया कि दादरी जिले में फर्जी मुठभेड़ और 10 लाख रिश्वत लेने का मामला काफी चर्चित रहा है। इसमें पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर सोनू के पैर में गोली मार दी थी और इसके बाद केस निपटाने की एवज में परिजनों से 10 लाख रुपये भी ऐंठ लिए।
शीतल ने डीसी को बताया कि फरवरी में ये मामला जोर-शोर से उठाया गया था। उस दौरान धरना देकर रोष प्रदर्शन भी किए गए थे। बाद में पुलिस ने कुछ समय मांगकर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। ऐसा करके शिकायतकर्ता पक्ष का धरना समाप्त करवा दिया गया लेकिन तीन माह बाद भी पुलिस जांच की प्रगति का पता नहीं चल सका।
- डीएसपी की जांच पर उठाए सवाल
डीसी को दी शिकायत में बताया गया कि मामले के आरोपी पुलिसकर्मी रोज पैसे का ऑफर देकर पंचायती तौर पर माफी भी मांग रहे हैं। वहीं, एसपी के निर्देश पर बाढड़ा के डीएसपी ने जो जांच की है वह संदेह के घेरे में है। अधिवक्ता ने बताया कि एसपी ने योजना के तहत परिवार को बहला-फुसलाकर जांच को दादरी भिजवाया। उसके बावजूद बार-बार आग्रह करने पर भी दादरी की एसपी पीड़ित परिवार से एक दिन भी नहीं मिलीं।
- मामले में 15 निजी गवाह
शिकायतकर्ता पक्ष ने डीसी को बताया कि इस मामले में करीब 15 निजी गवाह हैं। पुलिस चाहे तो पीड़ित सोनू से पूछताछ कर सकती है। शीतल साहू ने बताया कि जांच दादरी आने के बाद जिला पुलिस का रवैया शिकायतकर्ता पक्ष के प्रति ठीक नहीं रहा है।