विधानसभा सत्र में चिकित्सा सुविधाओं की मांग उठाते विधायक उमेद पातुवास।
बाढड़ा। उपमंडल बनने के आठ साल बाद भी बाढड़ा स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में काफी पिछड़ा है। सेवाओं की कमी का आलम यह है कि अब तक यहां उपमंडल स्तर का राजकीय अस्पताल भी नहीं बन पाया है। वहीं, बुधवार को विधानसभा में हलके के विधायक उमेद पातुवास ने सरकार से बाढड़ा में उपमंडल स्तर का राजकीय अस्पताल बनवाने की मांग की।
भाजपा विधायक उमेद पातुवास ने विधानसभा सत्र में बाढड़ा उपमंडल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। विधायक ने यहां अस्पताल निर्मित करवाने व सीएचसी में पैरामेडिकल स्टाफ व उपकरण मुहैया करवाने की मांग की। विधायक ने कहा कि बाढड़ा ग्रामीण क्षेत्र है। यहां के आमजन को उच्च चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व चिकित्सा मंत्री से अनुरोध किया कि बाढड़ा में सरकारी अस्पताल की स्थापना की जाए। वर्तमान में बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपमंडल स्तर का एक भी सरकारी अस्पताल नहीं है। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चरखी दादरी या भिवानी जाना पड़ता है, जो काफी दूर है। मरीजों को समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है।
- सीएचसी-पीएचसी में स्टाफ की कमी
बाढड़ा उपमंडल क्षेत्र में गोपी और झोझूकलां दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अलावा, बाढड़ा कस्बे में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ व संसाधनों की कमी है। इससे सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
- लोग बोले- स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर कराए सरकार
बाढड़ा क्षेत्र निवासी अनिल, संदीप, अमित, हरिकिशन और मनदीप का कहना है कि बाढड़ा के उपमंडल बनने के बाद तमाम सेवाओं में विस्तार होने की उम्मीद जगी थी। बाढड़ा को उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद 8 साल बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत नहीं सुधरी है। उपमंडल के लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार को जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर करनी चाहिए।