चरखी दादरी। सिंचाई विभाग जिले की नहरों की सफाई करवाएगा। इस माह के अंत तक सफाई का कार्य शुरू हो जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। जिले में करीब 68 सब माइनर, माइनर, डिस्ट्रीब्यूटरी और कैनाल हैं जिनकी सफाई कराई जाएगी। मानसून सीजन के दौरान खेतों से पानी की निकासी कर नहरों में डाले जाने के कारण इनमें झाड़ी, झुंड व गाद बनी हुई है इससे नहरों में पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है।
जिले में कृषि क्षेत्र की सिंचाई काफी हद तक नहरों पर निर्भर है। मानसून के दौरान कई क्षेत्रों में बारिश का पानी खेतों में जमा हो जाता है। इसकी निकासी के लिए खेतों से पानी नहरों में छोड़ा जाता है। इसके साथ मिट्टी, गाद और अन्य कचरा भी नहरों में पहुंच जाता है। लगातार पानी बहने और उचित सफाई नहीं होने से नहरों में झाड़ियां व अन्य खरपतवार उग आते हैं। इससे पानी का प्रवाह बाधित होता है और टेल तक नहीं पहुंच पाता है।
मानसून सीजन बीतने के बाद अब नहरों की सफाई के लिए अनुकूल समय है। विभाग इसी को ध्यान में रखते हुए माह के अंत तक सफाई अभियान शुरू करने की तैयारी में है। सफाई के दौरान नहरों में जमा गाद, मिट्टी, झुंडों को उखाड़ा जाएगा। नहरों की सफाई होने से पानी की क्षमता भी बढ़ जाती है।
इस समय जिले की मेन लोहारू कैनाल व बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी की मरम्मत का कार्य भी करवाया जा रहा है। इन दोनों नहरों को कंक्रीट व सीमेंट से नया रूप दिया जा रहा है। इन दोनों नहरों की पेयजल क्षमता में सुधार होगा और पानी की बर्बादी रोकने में भी मदद मिलेगी। जिले में करीब 68 सब माइनर, माइनर, डिस्ट्रीब्यूटरी और कैनाल की सफाई होनी है। इससे किसानों को भी सुगमता होगी।
वर्जन
नहरों की सफाई के लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। नहरों में पानी बंद होते ही सफाई का काम शुरू करवाया जाएगा। बारी-बारी से सभी नहरों की सफाई करवाई जाएगी। - सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग।