शंकर कॉलोनी में आयोजित कथा में प्रवचन करते हुए महाराज।
चरखी दादरी। भगवान जगन्नाथ महोत्सव के उपलक्ष्य में शंकर कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मुख्य यजमान विकास सिंह बजरंगलाल गर्ग, विशाल गर्ग, नीलम गर्ग निशा जैन, सरोज गोयल, दर्शना गोयल व सुमन सिंगला ने श्रीभागवत का पूजन कर शुभारंभ किया। इस मौके पर कथावाचक बाल व्यास पंडित चंद्रप्रकाश बृजवासी ने कथा में भगवान नर सिंह, परशुराम व श्रीराम के प्रसंगों की व्याख्या की।
इस अवसर पर वृंदावन से पधारे पंडित विष्णु शास्त्री, पंडित ललित शास्त्री, पंडित शिवम शास्त्री एवं पंडित भूपेंद्र शास्त्री ने नवग्रह एवं व्यास पीठ की पूजा करवाई। कथावाचक बाल व्यास पंडित चंद्रप्रकाश बृजवासी ने धर्म, भक्ति और मर्यादा की गूढ़ शिक्षाओं से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि ध्रुव भक्त ने भगवान विष्णु की भक्ति की और वामन देव ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी और वामन देव ने एक पग में पूरा आकाश मंडल और दूसरे पग में पूरी भूमि को नाप दिया। फिर वामनदेव ने राजा बलि से कहा कि तीसरा पांव कहा रखूं, तब राजा बलि ने कहा कि प्रभु तीसरा पांव उनके सिर पर रखिए।
तत्पश्चात कथावाचक ने भगवान नरसिंह, भगवान परशुराम, भगवान श्रीराम के प्रसंगों की व्याख्या की। महाराज ने कहा कि राजा दशरथ के राजमहल में महारानी कौशल्या के कोख से प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ। जगत जननी सीता का जन्म मिथिला नरेश राजा जनक महाराज के यहां हुआ और प्रभु श्रीराम ने धनुष को तोड़कर सीता से विवाह किया। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मोक्षदायिनी है। तत्पश्चात कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की व्याख्या की गई।
इस दौरान रोहताश शर्मा, पीर बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष फूलचंद सोनी, संत गाडगे सेवा दल के अध्यक्ष जगन्नाथ धनेटिया, विजय शर्मा, दिनेश मित्तल, महेश कुमार, हरिराम सिंगला, राजेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।