चरखी दादरी। नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षक बनने का मार्ग अब और सहज हो जाएगा। हरियाणा में 2026-27 सत्र से 11 राजकीय प्राथमिक शिक्षा एवं अध्यापक प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) और दो राजकीय शिक्षण महाविद्यालयों में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स की शुरुआत की जाएगी। इस कोर्स में विद्यार्थी बारहवीं के बाद ही बीए, बीएससी या बीकॉम के साथ-साथ बीएड की डिग्री भी प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षक बनने की राह अब आसान
अब तक शिक्षक बनने के लिए छात्रों को अलग-अलग चरणों में डिग्री लेनी पड़ती थी। प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए जहां 12वीं के बाद दो वर्षीय जेबीटी करना होता था, वहीं माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षकों को स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री के बाद अलग से दो वर्षीय बीएड करना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत चार वर्षों में ही स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण दोनों पूर्ण हो जाएंगे।
पहले चरण में यहां शुरू होगा कोर्स
राजकीय शिक्षण महाविद्यालय
भिवानी
नारनौल
राजकीय डाइट संस्थान
मोहरा (पंचकूला)
शाहपुर (अंबाला)
इक्कस
महेंद्रगढ़
फरीदाबाद
तेजली (यमुनानगर)
बिस्वामील (पानीपत)
सोनीपत
कैथल
बिरही कलां (चरखी दादरी)
हसीनपुर (रेवाड़ी)
इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की उम्मीद
राज्य शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को प्रस्ताव व आवश्यक दस्तावेज भेज दिए हैं। इसके साथ ही इन डाइट संस्थानों में आधारभूत ढांचे के उन्नयन की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है। विशेष रूप से चरखी दादरी स्थित बिरही कलां डाइट में नए भवन, कक्षाएं, हॉल, लाइब्रेरी, कंप्यूटर कक्ष और प्रयोगशालाओं की आवश्यकता जताई गई है।
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फिलहाल डाइट में जेबीटी कोर्स बंद है। अब 2026-27 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू होना है। - राकेश गोदारा, प्रवक्ता, बिरहीकलां डाइट