चरखी दादरी। वर्षों से पेयजल किल्लत की मार झेल रहे दादरी विधानसभा क्षेत्र के छह गांवों के लिए अब राहत की उम्मीद जगी है। विधायक सुनील सांगवान ने जानकारी देते हुए बताया कि रोहतक रोड रूट पर स्थित इन गांवों की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 47 करोड़ रुपये की लागत से एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। परियोजना के पूर्ण होने पर गांव कासनी, सौंफ, कोहलावास, लांबा, मिसरी और सांवड़ के हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा।
इस परियोजना के तहत लोहारू कैनाल से इन गांवों के जलघरों तक नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। साथ ही गांवों में बने जलघरों के टैंकों का नवीनीकरण व अपग्रेडेशन किया जाएगा, ताकि पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी का भंडारण सुनिश्चित हो सके। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई इस योजना पर नये वर्ष में कार्य शुरू होने की संभावना है।
विधायक सुनील सांगवान ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लोहारू कैनाल से गांव मिसरी, कासनी, सौंफ, कोहलावास, लांबा व सांवड़ के जलघरों तक करीब साढ़े 10 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे नहरी पानी सीधे जलघरों तक पहुंचेगा और गांवों में पानी की समस्या दूर होगी। इसके साथ ही परियोजना में बिजली के साथ-साथ सोलर सिस्टम भी लगाया जाएगा, ताकि जलापूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके। विभाग द्वारा इस योजना के लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
21.26 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का होगा विस्तार
परियोजना के अनुसार लोहारू कैनाल पर बनने वाले पंप हाउस से सांवड़ तक 10.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसी से जुड़े अलग-अलग मार्गों के तहत गांव मिसरी तक 130 मीटर, कोहलावास तक 1950 मीटर, लांबा तक 680 मीटर, कासनी तक 4950 मीटर, सौंफ तक 1100 मीटर तथा सांवड़ द्वितीय जलघर तक 1950 मीटर लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी। कुल मिलाकर लगभग 21.26 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन नेटवर्क तैयार होगा।
जलघरों के टैंकों का होगा सीसी से निर्माण
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन गांवों में भूजल स्तर ऊंचा होने के कारण कई स्थानों पर कमजोर टैंकों से जमीन का पानी नहरी पानी में मिल जाता है, जिससे पानी पीने योग्य नहीं रह जाता। इस समस्या के समाधान के लिए परियोजना के तहत सभी जलघरों के टैंकों को सीसी से बनवाकर अपग्रेड किया जाएगा।
23 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा शुद्ध जल
वर्तमान में इन गांवों को दादरी और सांजरवास डिस्ट्रीब्यूटरी के माध्यम से पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन कम जलापूर्ति के कारण विशेषकर गर्मी के मौसम में भीषण पेयजल संकट बना रहता है। यह परियोजना पूरी होने के बाद इन छह गांवों में रहने वाले करीब 23 हजार से अधिक लोगों को शुद्ध व पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा और वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलेगी।