चरखी दादरी। खरीफ सीजन के लिए जिले में यूरिया खाद की पहली खेप पहुंच गई है। यूरिया 153 मीट्रिक टन (एमटी) जबकि एसएसपी खाद 164 एमटी पहुंची है। डीएपी के फिलहाल पहुंचने की उम्मीद नहीं है। खरीफ सीजन में डीएपी 14 हजार व यूरिया खाद की 26 हजार एमटी की जरूरत रहेगी। जुलाई व अगस्त माह में यूरिया की सर्वाधिक 16 हजार एमटी खाद की जरूरत पड़ेगी। कृषि विभाग ने खाद की मांग हैड ऑफिस भेज रखी है।
जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1,22,368 हेक्टेयर क्षेत्र है। खरीफ सीजन में जिले में बाजरा, कपास, ग्वार व ज्वार की खेती होती है। हर साल सर्वाधिक औसत 1.50 लाख एकड़ में बाजरा की बिजाई होती है। फिलहाल जिले में डीएपी खाद कतई नहीं है जबकि यूरिया खाद जरूरी पहुंची है।
कपास की बिजाई के समय डीएपी की जरूरत होती है। आजकल किसान प्रत्येक फसल में रासायनिक खाद का इस्तेमाल करते हैं ताकि बढि़या पैदावार मिल सके। कपास की बिजाई करीब 30 हजार एकड़ में होती है। डीएपी का संकट रबी सीजन के दौरान भी बना रहा था। अब खरीफ सीजन में भी काफी मात्रा में खाद की जरूरत है। यूरिया खाद की तो अगस्त व सितंबर माह तक जरूरत बनी रहेगी।
डीएपी की खरीफ सीजन में 14 हजार एमटी की जरूरत रहेगी। डीएपी की मई व जून माह में 8000 एमटी की जरूरत पड़ेगी। इसी प्रकार यूरिया की खरीफ सीजन में कुल जरूरत 26 हजार एमटी है।
महीने अनुसार इतनी रहेगी खाद की जरूरत
महीना - डीएपी - यूरिया - एसएसपी - एपीके
अप्रैल - 2000 - 1000 - 500 - 200
मई - 4000 - 2000 - 1000 - 300
जून - 4000 - 6000 - 200 - 300
जुलाई - 2000 - 8000 - 500 - 200
अगस्त - 1500 - 8000 - 000 - 000
सितंबर - 500 - 1000 - 000 - 000
कुल - 14000 - 26000 - 2500 - 1000
नोट : यह आंकड़ा मीट्रिक टन में है।
जिलेभर में करीब 16 पैक्स समितियों व शहर में जमीदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। जो किसान फसल का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज करवाता है उसी के हिसाब से खाद बांटी जाती है। पोर्टल पर दर्ज जमीन के अनुपात में यूरिया व डीएपी खाद का वितरण किया जाता है। शून्य से एक एकड़ तक एक बैग, दो एकड़ तक दो बैग व तीन एकड़ फसल के लिए तीन बैग दिए जाते हैं। पांच एकड़ से ज्यादा फसल होने पर जरूरत के अनुसार ज्यादा दिया जा सकता है।
वर्सन :
फिलहाल यूरिया खाद पहुंची है। डीएपी खाद पहुंचने के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है। उम्मीद है जल्द ही डीएपी के बैग पहुंचेंगे। किसानों को उचित मात्रा में खाद मुहैया करवाई जाएगी। - खाद नियंत्रक नितिन कुमार, कृषि विभाग, दादरी।