चरखी दादरी। जिले में अग्निशमन व्यवस्था की हकीकत बेहद गंभीर है। शहर के भिवानी-रावलधी लिंक रोड बाईपास पर जिलास्तरीय फायर ब्रिगेड कार्यालय तो बना दिया गया, लेकिन आज तक यहां पानी का कनेक्शन नहीं मिल सका है। हालात यह हैं कि आग लगने की घटनाओं में फायर ब्रिगेड को आसपास के किसानों के खेतों या ट्यूबवेल से उधार में पानी लेकर आग बुझानी पड़ रही है।
इस बीच जिले में फसल कटाई का सीजन भी शुरू हो चुका है। ऐसे समय में खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने का खतरा रहता है, लेकिन फायर ब्रिगेड के पास पर्याप्त संसाधन और पानी की व्यवस्था न होना चिंता का विषय बना हुआ है। फायर ब्रिगेड कार्यालय को बने काफी समय हो चुका है, लेकिन यहां पानी का कनेक्शन नहीं होने से अग्निशमन विभाग को हर बार अलग-अलग जगह से पानी का इंतजाम करना पड़ता है। विभाग के पास टैंकर वाली गाड़ियां तो हैं, लेकिन उन्हें भरने के लिए स्थायी स्रोत नहीं है। संवाद
जमीन का पानी खारा, गाड़ियों के जर्जर होने का डर
फायर स्टेशन में बिजली की स्थिति भी लंबे समय तक ठीक नहीं रही। करीब दो साल बाद यहां थ्री फेस बिजली कनेक्शन लगाया गया। इसके बावजूद समस्या पूरी तरह हल नहीं हो पाई। स्टेशन परिसर में जमीन का पानी खारा है। अगर लंबे समय तक पानी रखा जाए तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की बॉडी खराब होने का खतरा भी बना रहता है।
कार्यालय जिला स्तर का, कुल पोस्ट तहसील स्तर की
जिले में अग्निशमन विभाग का कार्यालय जिला स्तर का है, लेकिन कर्मचारियों के पद अभी भी तहसील स्तर के हिसाब से ही स्वीकृत हैं। विभाग में फिलहाल 21 पद ही स्वीकृत हैं, जबकि जरूरत 50 से अधिक कर्मचारियों की है। वर्तमान में करीब 32 कर्मचारी तीन शिफ्टों में काम संभाल रहे हैं, लेकिन इनमें से भी कई पद खाली हैं और वास्तविक रूप से आधे कर्मचारी ही ड्यूटी पर उपलब्ध रहते हैं। यहां तीन लीडिंग फायरमैन सहित 14 स्थायी कर्मचारी और 18 अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं।
जरूरत के मुकाबले गाड़ियां आधी
अग्निशमन विभाग के पास इस समय कुल पांच गाड़ियां उपलब्ध हैं। इनमें से एक गाड़ी को बाढड़ा की अनाज मंडी में तैनात किया गया है। दादरी फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास फिलहाल एक रेस्क्यू टेंडर, एक 9 हजार लीटर क्षमता की वाटर टेंडर गाड़ी, एक 5500 लीटर क्षमता की वाटर टेंडर गाड़ी, एक 2 हजार क्षमता की वाटर मिस्ट गाड़ी और दो बाइक उपलब्ध हैं। जबकि अब भी कम से कम पांच और गाड़ियों की जरूरत है। अग्निशमन विभाग की ओर से करीब एक साल पहले अतिरिक्त गाड़ियों की मांग भी भेजी गई थी, लेकिन अभी तक उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
पांच गाड़ियों के भरोसे 3.30 लाख एकड़ फसल
इस बार जिले में करीब 3 लाख 30 हजार एकड़ में फसलें उगाई गई हैं। इनमें 1 लाख 60 एकड़ में सरसों, करीब 1 लाख 50 हजार एकड़ में गेहूं और 20 हजार एकड़ में अन्य फसलें हैं। ऐसे में फसल कटाई के दौरान खेतों में आग लगने की घटनाओं का खतरा बना रहता है। लेकिन पूरे जिले की सुरक्षा फिलहाल केवल पांच फायर ब्रिगेड गाड़ियों और सीमित कर्मचारियों के भरोसे है।
गाड़ियों की मांग के लिए मुख्यालय मांग भेजी गई है, जल्द ही गाड़ियां मिलेंगी। इसके अलावा फायर स्टेशन के पास जनस्वास्थ्य विभाग का बूस्टिंग स्टेशन बनना है, जहां से पानी का कनेक्शन मिलेगा। जल्द ही यह कनेक्शन भी मिलने की उम्मीद है।
- रमन कुमार, फायर ऑफिसर, अग्निशमन विभाग।