विशेष वाहन में सवार होकर परीक्षा केंद्र पर जाती महिला अभ्यर्थी।
चरखी दादरी। सामान्य पात्रता परीक्षा के दिव्यांग अभ्यर्थी जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। गृह जिले में परीक्षा केंद्र देने के फैसले को उन्होंने सराहनीय बताया। इतना ही नहीं, घर से परीक्षा केंद्र लाने और वापस घर तक छोड़ने के लिए की गई वाहनों की व्यवस्थाओं उन्हें खूब भाई।
सरकार के समावेशी दृष्टिकोण के तहत दिव्यांग अभ्यर्थियों को घर से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए विशेष वाहन व ग्राम सचिव नियुक्त किए गए। यह सेवा पूरी तरह निशुल्क और मानवीय आधार पर दी गई। ताकि, इन विशेष परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं, दिव्यांग अभ्यर्थियों ने सरकार के इस कदम की सराहना की। कहा कि प्रदेश में यह एक नई शुरुआत है।
जिला प्रशासन के वाहनों की व्यवस्था करने से दिव्यांग पात्रों ने आसानी से परीक्षा दी। परीक्षार्थियों ने भी इस व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। दिव्यांगजनों के लिए नियुक्त टीम के कार्य की सराहना की।
- हेल्पाइन नंबर पर मिली जानकारी से घर के बाहर पहुंचीं टीमें
रविवार को जिले में दोनों सत्रों में जितने दिव्यांगजन परीक्षार्थियों ने प्रशासन की हेल्पलाइन के माध्यम से परीक्षा केंद्र तक जाने की सुविधा के लिए स्वीकृति दी थी। ऐसे में इन सभी दिव्यांगजनों को प्रशासन की टीम ने उनके घर पहुंचकर परीक्षा केंद्र तक वाहन से ले जाकर परीक्षा उपरांत वापस घर छोड़ा।
दिव्यांग अभ्यर्थी बोले- सराहनीय रहे प्रशासन व सरकार के प्रबंध
जेवली निवासी एक दिव्यांग महिला अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार की इस सुविधा से मानसिक बोझ कम हुआ है, न समय की चिंता रही और न खर्च का डर। हम पूरी ऊर्जा से परीक्षा में ध्यान केंद्रित कर पाए। भागवी के प्रदीप कुमार ने सरकार की व्यवस्था को सराहा। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने पर मूक बेटी ने भी साइन लैंग्वेज के जरिये मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया।