चरखी दादरी। दादरी जिले में नहरों में पानी 16 दिन छोड़ा गया। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियाें ने पानी की चोरी रोकने के लिए 24 घंटे नहरों पर दबिश दी। विभाग की अलग-अलग टीमों ने बधवाना व लोहारू नहरों पर करीब 1200 किसानों को नहरी पानी की चोरी के आरोप में चिह्नित किया है। अब इन किसानों की कार्यकारी अधिकारी कार्यालय में सुनवाई होगी। विभाग इन किसानों को सुनवाई के लिए नोटिस भेजेगा। सुनवाई के दौरान किसान अपना पक्ष रख सकेगा। सुनवाई के बाद विभाग इन किसानाें पर तावान यानी जुर्माना लगाएगा।
पीछे हेड से बंद हुआ पानी
गत 12 दिसंबर को नहरों में पानी छोड़ा गया था। पानी की बारी 16 दिन की थी। अब 24 दिन बाद पानी मिलेगा। जैसे ही नहरों में पानी पहुंचा था, विभाग अधिकारियों ने नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए छापा मारना शुरू कर दिया। इस 16 दिन की अवधि के दौरान विभाग ने करीब 1200 पानी चोरी के मामले पकड़े हैं। इन किसानों को पानी की चोरी के आरोप में चिह्नित किया गया है।
सीधा नहर से करते हैं पानी का उठान
किसान रबी की फसलों की सिंचाई के लिए नहरों पर इंजन, साइफन आदि लगाकर पानी का उठान करते हैं, जिससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है। रबी की फसलों की सिंचाई के लिए किसान नहरों से सीधे पानी का उठान कर लेते हैं। इस समय पछेती फसल सरसों व गेहूं की सिंचाई का समय है। काफी किसानों ने नहरों में अंडरग्राउंड पाइप लाइन भी बिछा रखी हैं। चोरी होने की वजह से पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है जिससे जलघरों में पानी भरने में भी दिक्कत आती रही है।
बारिश नहीं होने की वजह से फसलों की सिंचाई की सख्त जरूरत बनी हुई है। पिछले साल तो इस मौसम में बारिश हो गई थी। जिले में करीब एक लाख 50 हजार एकड़ क्षेत्र में सरसों की फसल है। करीब 95 हजार एकड़ में गेहूं की फसल भी खड़ी है।
16 दिन में करीब 1200 नहरी पानी चोरी के मामले पकड़े हैं। विभाग की टीमों ने पानी की चोरी रोकने के लिए नहरों पर छापेमारी की। सभी जलघरों में पानी डाल दिया गया है। पानी की बारी खत्म हो गई है।
- कार्यकारी अभियंता सतेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग, दादरी।