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Charkhi Dadri News: जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एक साल से फॉरेंसिक एक्सपर्ट ही नहीं

Fri, 25 Jul 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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दादरी नागरिक अस्पताल का मोर्चरी कक्ष। 
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चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग के पास फॉरेंसिक एक्सपर्ट तक नहीं हैं। दादरी नागरिक अस्पताल में यह पद पिछले करीब एक साल से खाली पड़ा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट न होने से क्षत-विक्षत शवों के पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरीवश शव रोहतक पीजीआई भेजने पड़ रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि मुख्यालय मांग भेजी जा चुकी है। जल्द फॉरेंसिक एक्सपर्ट की तैनाती होने की उम्मीद है।
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दादरी को जिला बने 9 साल हो चुके हैं। इस समय अवधि में एक बार ही दादरी स्वास्थ्य विभाग को फॉरेंसिक एक्सपर्ट मिल पाया है। हालांकि, उस दौरान तैनात की गईं फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने दो माह तक ही सेवाएं दीं। उसके बाद उन्होंने तबादला करवा लिया। इसके बाद से ही पद खाली है। अब तैनाती होने का इंतजार है।

अधिकारियों की मानें तो जिला अस्पताल में फॉरेंसिक एक्सपर्ट का होना बेहद जरूरी है। अगर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की तैनाती हो जाए तो फिर मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए क्षत-विक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई नहीं भेजना पड़ेगा। इससे पुलिस के साथ मृतक के परिजनों का समय भी बचेगा। फिलहाल, रोहतक जाकर पोस्टमार्टम कराने में पूरा दिन बीत जाता है।
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- हर साल होते हैं 400 पोस्टमार्टम
दादरी नागरिक अस्पताल की बात करें तो हर साल करीब 400 पोस्टमार्टम होते हैं। एक माह में औसतन करीब 35 पोस्टमार्टम किए जाते हैं। फिलहाल, पोस्टमार्टम मेडिकल ऑफिसर कर रहे हैं। हत्या के मामले में चिकित्सकों का बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराए जाते हैं।

- 40 से अधिक शव भेजे जाते हैं पीजीआई
दादरी जिले की नहरों में भी नियमित अंतराल पर शव मिलते रहते हैं। हत्या के मामलों में भी क्षत-विक्षत शव दादरी अस्पताल पहुंचते हैं। एक साल की बात करें तो 40 से अधिक क्षत-विक्षत शव रोहतक पीजीआई रेफर किए जाते हैं। इस साल की बात करें तो 25 जुलाई तक 19 शव रोहतक पीजीआई रेफर किए जाते हैं।

यह होता है फॉरेंसिक एक्सपर्ट का काम
फॉरेंसिक एक्सपर्ट का काम वैज्ञानिक विधियों और तकनीकों का उपयोग करके आपराधिक मामलों में साक्ष्य एकत्र करना, विश्लेषण करना और व्याख्या करना है। उनका काम अपराध स्थलों की जांच करना, भौतिक साक्ष्य एकत्र करना, प्रयोगशाला विश्लेषण करना और अदालत में गवाही देना है।


फॉरेंसिक एक्सपर्ट की तैनाती न होने के चलते क्षत-विक्षत शव मजबूरीवश रोहतक पीजीआई भेजने पड़ते हैं। हम मुख्यालय मांग भेज चुके हैं। जल्द ही तैनाती होने की उम्मीद है।
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-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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