नगर परिषद ने नक्शा पास करवाए बिना ही मकान और दुकानों का निर्माण करने वालों पर वीरवार सुबह कार्रवाई की है। इसके तहत वार्ड-14 की पार्षद ऊषा चौहान के मकान समेत दो दुकानें और एक प्लॉट को सील कर दिया गया। वहीं, दूसरी तरफ मकान सील किए जाने की नगर परिषद की टीम पर पार्षद और परिजनों समेत अन्य लोगों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। पार्षद ऊषा चौहान के ससुर और पूर्व पार्षद सतबीर चौहान का कहना है कि चेयरमैन संजय छपारिया के इशारों पर ऐसा किया गया है।
नगर परिषद के बीआई राकेश श्योराण ने बताया कि उनकी टीम ने वीरवार सुबह दो साइटों पर कार्रवाई की है। रोहतक रोड पर फाटक के समीप स्थित मंदिर के पास दो दुकानों और एक प्लॉट को सील किया गया है। वहीं, वार्ड-14 में महिला पार्षद ऊषा चौहान का मकान सील किया गया है। बीआई ने बताया कि इन दोनों जगहों पर नगर परिषद से नक्शा पास करवाए बिना ही निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। इस संबंध में उन्हें सूचना मिली थी और इसके तहत ही यह कार्रवाई की गई।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे नगर परिषद टीम वार्ड-14 पार्षद ऊषा मेहरा के मकान पर पहुंची। यहां निर्माण कार्य चल रहा था जिसे टीम ने बंद करवा दिया। सचिव सुनील शर्मा और बीआई राकेश श्योराण के आदेशों पर कर्मचारियों ने मकान को सील कर दिया। यह जमीन पार्षद ऊषा चौहान के ससुर एवं पूर्व पार्षद सतबीर चौहान के नाम पर है। सतबीर चौहान ने बताया कि 75 गज जमीन में वो चौथे हिस्सेदार हैं। इस क्षेत्र में 99 फीसदी मकानों के नक्शे पास नहीं हैं। सोची-समझी रणनीति के तहत चेयरमैन संजय छपारिया के इशारों पर कार्रवाई की गई है। वहीं, बीआई राकेश श्योराण का कहना है कि सतबीर चौहान को इससे पहले नोटिस दिया गया था और इसके बावजूद भी उन्हें नक्शा पास कराने की बजाय निर्माण कार्य जारी रखा।
भू-मालिक बोला- मुझसे मांगी थी एक दुकान, नहीं दी तो हुई कार्रवाई
रोहतक रोड पर कार्रवाई करने पहुंची टीम पर जमीन मालिक एवं यादव अस्पताल के संचालक दिनेश कुमार ने आरोप लगाए है। मीडिया के सामने उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह जमीन उनकी है। प्लॉट का नक्शा उनके पास है जबकि दुकानों का नहीं। नप अधिकारियों ने उनसे एक दुकान मांगी थी और इंकार करने पर दबाव बनाने की मंशा से यह कार्रवाई की गई है।
पांच माह के ब्रेक के बाद हुई कार्रवाई
गत जनवरी माह में भी नगर परिषद ने शहर में 15 से अधिक इमारतें सील की थीं। इनमें एक मार्केट सहित दुकान, मकान व स्कूल का भवन शामिल था। स्कूल भवन को सील करते समय भी चेयरमैन और अधिकारियों पर आरोप लगे थे। पांच माह के ब्रेक के बाद नगर परिषद ने दोबारा कार्रवाई की है और उस दौरान भी दोनों जगहों पर आरोप लगे हैं।
मेरी पार्षद पुत्रवधु से चेयरमैन रखता है राजनैतिक रंजिश: सतबीर चौहान
वार्ड-14 पार्षद ऊषा चौहान के ससुर सतबीर चौहान ने बताया कि उसकी पुत्रवधु चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के पक्ष में थी। इसके तहत चेयरमैन राजनैतिक रंजिश रखे हुए है। चेयरमैन के इशारों पर ही ये कार्रवाई की गई है। चरखी दरवाजा से लेकर कलियाणा रोड तक 100 से अधिक जगहों पर अवैध कब्जे हैं जो नप अधिकारियों की चेयरमैन की मिलीभगत से हुए हैं। मै नक्शा पास कराने के लिए नप कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन अधिकारी टरका रहे हैं।
अधिकारियों ने गलत किया है तो मुझे सबूत दें सतबीर चौहान: संजय छपारिया
चेयरमैन संजय छपारिया ने सतबीर चौहान के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि अगर नप टीम ने गलत कार्रवाई की है तो सतबीर चौहान उन्हें सबूत दें। इसके बाद वो अधिकारियों पर भी कार्रवाई करेंगे। एक पार्षद होने के नाते ऊषा चौहान और पूर्व पार्षद होने के नाते सतबीर चौहान को बिना नक्शा पास करवाए मकान निर्माण कार्य करवाना शोभा नहीं देता। नक्शा पास करवाए बिना मकान निर्माण कार्य कराने पर यह कार्रवाई की गई है।
आरोप बेबुनियाद, नक्शा पास न कराने पर की कार्रवाई: बीआई
नगर परिषद बिल्डिंग इंस्पेक्टर राकेश श्योराण ने बताया कि बिल्डिंगों को सील करने से पहले मालिकों को नोटिस भी दिए गए हैं। इसके बावजूद उन्होंने नक्शा पास कराने की बजाय निर्माण कार्य जारी रखा और इसके तहत ही भवनों को सील करने की कार्रवाई की गई। टीम पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।