कस्बे की अनाज मंडी में लगी गेहूं की ढेरी।
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बाढड़ा। क्षेत्र की अनाज मंडी में इस बार गेहूं की भरपूर आवक होने के बावजूद उठान कार्य धीमी गति से चल रहा है जिससे किसान और आढ़ती दोनों परेशान हैं। सरकार की ओर से 72 घंटे के भीतर भुगतान के दावे भी यहां फेल नजर आ रहे हैं। कस्बे के विश्राम गृह में मंडी प्रधान हनुमान की अध्यक्षता में आढ़तियों ने सांसद धर्मबीर सिंह के सामने समस्या रखते हुए बताया कि अब तक करीब 95 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है लेकिन इसके मुकाबले महज 26 हजार क्विंटल की उठान हो पाई है और 42 हजार क्विंटल की बिलिंग हो सकी है। उठान कार्य में देरी से मंडी में गेहूं के ढेर लग गए हैं और जगह की कमी भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जब तक उठान नहीं होती तब तक भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। ऐसे में फसल बेचने के बाद भी किसानों को पैसों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। आढ़तियों ने कहा कि भुगतान में देरी से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है और मंडी में अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। सरकार ने पहले दावा किया था कि किसानों को 48 से 72 घंटे के भीतर भुगतान किया जाएगा लेकिन बाढड़ा अनाज मंडी में हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। उठान की धीमी गति के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। किसानों और आढ़तियों ने प्रशासन से मांग की है कि उठान कार्य को तुरंत तेज किया जाए ताकि समय पर भुगतान हो सके और मंडी में फसल का जमाव कम हो।