चरखी दादरी। शहर के हीरा चौक की ऐतिहासिक रामलीला इस बार 101वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस उपलब्धि को और ऐतिहासिक बनाने के लिए मंचन के दौरान नए मंचीय प्रयोगों के साथ आधुनिक तकनीक अपनाई जाएगी। लक्ष्मण मूर्छा के प्रसंग में आधुनिक तकनीक की मदद से हनुमान को उड़कर संजीवनी बूटी लाते हुए दिखाया जाएगा।
इसके साथ ही पारंपरिक पर्दों की जगह एलईडी स्क्रीन पर आकर्षक बैकग्राउंड तैयार किया जाएगा। श्री रामलीला कमेटी शहर चरखी दादरी के महासचिव संदीप फौगाट ने बताया कि इस बार मंचन में कई नए प्रयोग किए जाएंगे। विशेष रूप से दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से जोड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। महिलाओं और पुरुषों के बैठने के लिए अलग अलग स्थान निर्धारित कर कुर्सियों की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
श्यामसर सरोवर में होगा केवट प्रसंग : कमेटी महासचिव संदीप फौगाट व संरक्षक रिम्पी फौगाट ने बताया कि केवट प्रसंग को भी नए अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। श्यामसर सरोवर में नाव के माध्यम से केवट भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता को नदी पार करवाते हुए दिखाई देंगे।
वर्ष 1925 में सभा का हुआ था गठन : शहर में रामलीला मंचन की परंपरा वर्ष 1925 में शुरू हुई थी। हीरा चौक के समीप रामलीला मंचन के लिए राम सभा का गठन किया गया और दादरी शहर रामलीला कमेटी बनाई गई। इसके बाद से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस वर्ष यह परंपरा 101वें वर्ष में प्रवेश करेगी।