संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर के मुख्य दादरी-लोहारू रोड पर स्थित रोडवेज बस स्टैंड और वर्कशॉप अब वाहन चालकों, यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। वर्षों पहले बने बस स्टैंड और वर्कशॉप के आसपास आबादी व बाजारों के विस्तार के कारण यह क्षेत्र अब शहर के बीचोबीच आ गया है।
सड़क की सीमित चौड़ाई, बस स्टैंड और वर्कशॉप के संकरे प्रवेश व निकास द्वार और लगातार बढ़ती बसों की आवाजाही के चलते यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोग लंबे समय से बस स्टैंड और वर्कशॉप को शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं लेकिन शिफ्टिंग की योजना अभी तक कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है।
करीब पांच दशक पहले 24 कनाल 20 मरला भूमि पर बस स्टैंड और रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण किया गया था। उस समय शहर की आबादी और यातायात का दबाव सीमित था लेकिन समय के साथ बाजारों का विस्तार हुआ और वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई। वर्तमान में यह बस स्टैंड बढ़ते यातायात के सामने छोटा साबित हो रहा है।
दादरी रोडवेज डिपो के बेड़े में इस समय 123 बसें शामिल हैं, जो प्रतिदिन लगभग 30 हजार यात्रियों को विभिन्न गंतव्यों तक पहुंचाती हैं। रोडवेज बसों के साथ-साथ निजी परिवहन समितियों की बसें भी इसी बस स्टैंड पर आती-जाती हैं। हर कुछ मिनट में बसों की आवाजाही होने से मुख्य सड़क पर यातायात प्रभावित होता है। बसों के परिसर में प्रवेश करने और बाहर निकलने के दौरान सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे जाम के हालात पैदा हो जाते हैं।
एंबुलेंस व स्कूल की बसें भी फंसती हैं जाम में : स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि कई बार जाम इतना गंभीर हो जाता है कि एंबुलेंस और स्कूल बसों को भी निकलने में काफी समय लग जाता है। इससे आम लोगों को दैनिक कार्यों के लिए आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ती है और समय की बर्बादी होती है। वाहन चालकों का कहना है कि मुख्य बाजार से गुजरने वाले इस मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ रहा है ऐसे में बस स्टैंड का स्थानांतरण जरूरी है।