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डिलिवरी के दौरान पेट में बच्चे की मौत, छह घंटे बाद महिला ने भी तोड़ा दम

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रुक्साना की मौत के बद निजी अस्पताल के सामने पहूंची पुलिस । - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। कॉलेज रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन महिला की डिलिवरी के दौरान मौत हो गई। मृतका के परिजनों का आरोप है कि सुबह 11 बजे पेट में बच्चे की मौत हो गई और अस्पताल संचालिका उन्हें जच्चा को बचाने का तर्क देती रही। शाम पांच बजकर दस मिनट पर महिला की भी मौत हो गई। मृतका के पति ने पुलिस को दी शिकायत में अस्पताल संचालिका पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इसके आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में वार्ड-19 निवासी शम्मी ने बताया कि उसकी पत्नी रुक्साना (23) गर्भवती थी और गर्भावस्था के नौ माह पूरे हो चुके थे। शम्मी ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे उसकी पत्नी को दर्द शुरू हुआ, तो उन्होंने उसे उपचार के लिए कॉलेज रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। वहां महिला चिकित्सक ने जांच के बाद सुबह पांच बजे डिलिवरी का समय दिया।
शम्मी ने बताया कि सुबह पांच बजे जांच करने के बाद महिला चिकित्सक ने दो घंटे बाद डिलिवरी करवाने की बात कही। मृतका के पति ने बताया कि सुबह 11 बजे उन्हें बताया कि बच्चे की पेट में मौत हो चुकी है। शम्मी के अनुसार बच्चे की मौत होने का पता चलने पर उन्होंने महिला चिकित्सक से जच्चा के स्वास्थ्य को लेकर पूछताछ की तो उन्हें कहा गया कि जच्चा को वे बचा लेंगे। शम्मी ने बताया कि बच्चे की पेट में मौत होने के छह घंटे बाद अस्पताल संचालिका ने जच्चा को भिवानी ले जाने की बात कही। वहां से परिजन उसे एक अन्य निजी अस्पताल में ले गए जहां महिला को भी मृत घोषित कर दिया गया। महिला के पति के सूचना देने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के समक्ष महिला के पति निजी अस्पताल संचालिका पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। पुलिस ने शम्मी की शिकायत पर अस्पताल संचालिका के खिलाफ लापरवाही बरतने संबंधी केस दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। सिटी थाना प्रभारी का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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11 माह पहले हुई थी शादी
मृतका रुक्साना के पति शम्मी ने बताया कि 15 साल पहले उनका परिवार बीजणा से दादरी शहर में शिफ्ट हुआ था। फिलहाल वे वार्ड-19 में रह रहे हैं। शम्मी ने बताया कि वे पूर्ण मार्केट की गली नंबर एक में मोबाइल शॉप चलाता है और उसकी शादी 11 माह पहले ही रुक्साना से हुई थी।
तीनों अल्ट्रासाउंड में नॉर्मल थी रिपोर्ट
शम्मी ने बताया कि गर्भवती होने के बाद से उसकी पत्नी को किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुई। गर्भावस्था के नौ माह पूरे करने तक उन्होंने तीन अल्ट्रासाउंड करवाए थे और तीनों की रिपोर्ट नॉर्मल थी। शम्मी ने बताया कि डिलिवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत चिकित्सक की लापरवाही से ही हुई है।
छह घंटे में लगाईं 15 गुहार, हर बार भेज दिया बाहर
मृतका के पति शम्मी ने बताया कि पेट में बच्चे की मौत होने का पता चलते ही उन्होंने महिला चिकित्सक से जच्चा की हालत को लेकर बात की तो उन्होंने जच्चा को बचाने का तर्क दिया। शम्मी ने बताया कि सुबह 11 से लेकर शाम पांच बजे तक उसने महिला चिकित्सक के केबिन के 15 चक्कर लगाकर पत्नी के स्वास्थ्य की जानकारी लेनी चाही, लेकिन हर बार उसे बाहर भेज दिया गया।
वार्ड-19 निवासी शम्मी ने हमें एक शिकायत दी है जिसमें निजी अस्पताल की एक महिला चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए हमने लापरवाही बरतने का केस दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी अनुरूप अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मृतका का पोस्टमार्टम सोमवार सुबह करवाया जाएगा।
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- बीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी

रूक्साना। फाइल फोटो- फोटो : CharkhiDadri

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