चरखी दादरी। इस बार सरकार ने राजकीय स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने के बजट में दोगुनी बढ़ोतरी कर दी है। पहले 500 रुपये बजट मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब एक हजार रुपये किया गया है। वहीं, स्कूल मुखियाओं ने इस कदम को सही ठहराया है क्योंकि पिछली बार बजट राशि कम पड़ने पर उन्हें अपनी जेब से वहन करना पड़ा था।
प्रति वर्ष स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जिले में 364 राजकीय स्कूल हैं। वहीं, 15 अगस्त को सभी राजकीय स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाए जाने के निर्देश हैं। इसके लिए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अभ्यास किया जा रहा है। एनसीसी कैडेट्स भी परेड की रिहर्सल कर रहे हैं। जिले में 220 प्राइमरी स्कूलों के अलावा 64 सीनियर सेकेंडरी व 50 हाईस्कूल के अलावा मिडिल स्कूल हैं।
स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति के सहयोग से यह समारोह मनाया जाता है। जिस स्कूल की छात्र संख्या 200 है, वहां एसएमसी के प्रधान समेत 12 सदस्य होते हैं। अधिकतम संख्या 500 पर 20 सदस्य होते हैं, जो समय-समय पर स्कूल प्रगति के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में मदद करते हैं। जिस अभिभावक के बच्चे राजकीय स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हें ही एसएमसी कार्यकारिणी में शामिल किया जाता है।
- विद्यार्थियों को भी किया जाता है सम्मानित
इस बार सरकार ने स्कूलों में आजादी दिवस मनाने के लिए बजट राशि बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी है। पहले 500 रुपये ही मिलते थे। आमतौर पर स्कूल हेडमास्टर की शिकायत रहती थी कि 500 रुपये में समारोह नहीं हो पाता है, उन्हें जेब से पैसा खर्च करना पड़ता है। समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित भी करना पड़ता है। जलपान व शामियाना आदि पर भी पैसा खर्च होता है। इसे देखते हुए सरकार ने बजट 1000 रुपये कर दिया है।
प्रति स्कूल एक हजार रुपये आजादी दिवस समारोह मनाने के लिए दिए जाएंगे। पहले यह राशि 500 रुपये थी। प्रत्येक स्कूल मुखिया सम्मानपूर्वक आजादी दिवस मनाए। समारोह में विद्यार्थियों व ग्रामीणों को शामिल किया जाए। विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना पैदा करना बेहद जरूरी है। -कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी, चरखी दादरी