चरखी दादरी। कासनी गांव में 9 दिन पहले हुए शराब कारोबारी मोहित हत्याकांड की गुत्थी जिला पुलिस अब तक नहीं सुलझा पाई है। अब तक पुलिस न हत्यारों को पकड़ा पाई है और न ही हत्याकांड की असली वजह परिजनों के समक्ष ला पाई है। हालांकि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें प्रदेश के विभिन्न जिलों समेत राजस्थान व मध्यप्रदेश में भी दबिश दे चुकी हैं। बावजूद इसके अब तक पुलिस के हाथ खाली है और हत्याकांड का राज बरकरार है।
अहम बात यह है कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले बाइक सवार तीन युवकों में से एक को मृतक के चाचा रामचंद्र ने पहचान लिया था, लेकिन इसके बाद भी अब तक पुलिस आरोपी और उसके साथी तक नहीं पहुंच पाई है। गत 3 अक्तूबर को हुए हत्याकांड के बाद पुलिस कप्तान ने तीन टीमें गठित की थी और तब से ही ये टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक हाथ खाली हैं।
सूत्रों के अनुसार सूचना के आधार पर पुलिस की ये टीमें दादरी क्षेत्र के अलावा अन्य जिलों और राजस्थान व मध्यप्रदेश में भी छापे मार चुकी हैं, लेकिन आरोपी पुलिस टीमों के हत्थे नहीं चढ़ पाए है।
यूं दिया था हत्याकांड को अंजाम
मृतक मोहित करीब चार माह पहले ही अवैध शराब तस्करी के मामले में बिहार जेल से बाहर आया था। वो महेंद्रगढ़ में अपने परिवार सहित रहता था और सप्ताह में एक-दो दिन के लिए गांव में आ जाता था। तीन अक्तूबर को कासनी में अपने खेत संभालने के बाद निर्माणाधीन मकान के बाहर खड़ा था और उसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर आए तीन युवकों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया था। इस हमले में मोहित की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुराना विवाद भी हो सकता है हत्या का कारण
इस हत्याकांड में मृतक के परिजनों ने कासनी गैंग सरगना प्रदीप पर शक जाहिर किया था। इस एंगल के अलावा पुलिस अन्य तथ्यों पर भी इस हत्याकांड की जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार कोई पुराना विवाद भी हत्या का कारण हो सकता है।
जल्द ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड को सुलझा लेगी। विभिन्न एंगल को जहन में रखते हुए हमारी टीमें मामले की जांच कर रही हैं। जिले और प्रदेश से बाहर भी टीमें दबिश दे चुकी हैं।
दीपक गहलावत, एसपी, चरखी दादरी